मेरठ और आसपास के जिलों में रविवार को मौसम का मिजाज लगातार बदलता रहा। आसमान पर कभी बादल छाए रहे तो कभी हल्की धूप निकल आई। हालांकि, बादलों की आवाजाही के बावजूद लोगों को गर्मी और उमस से राहत नहीं मिल सकी। सूरज की तपिश और हवा में नमी के कारण चिपचिपी गर्मी का असर बना रहा, जिससे घर से बाहर निकलना भी मुश्किल हो गया।
दोपहर के समय उमस का प्रभाव सबसे अधिक देखने को मिल रहा है। तेज धूप निकलते ही सड़कों पर चलने वाले लोग पसीने से तरबतर हो गए। बाजारों और सार्वजनिक स्थानों पर भी गर्मी के कारण लोगों की आवाजाही अपेक्षाकृत कम रही। सुबह और शाम के समय हल्के बादलों ने कुछ राहत का अहसास कराया, लेकिन उमस ने लोगों की परेशानी कम नहीं होने दी।
मौसम में उतार-चढ़ाव का कारण
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, बंगाल की खाड़ी से आने वाली नमी और स्थानीय परिस्थितियों के कारण मौसम में लगातार उतार-चढ़ाव बना हुआ है। यही वजह है कि कभी बादल छा रहे हैं तो कुछ देर बाद धूप निकलने से उमस और बढ़ जा रही है।
मौसम विभाग की भविष्यवाणी
मौसम विभाग ने अगले 48 घंटे के दौरान मेरठ, बागपत, मुजफ्फरनगर, हापुड़, गाजियाबाद, बुलंदशहर और आसपास के जिलों में हल्की से मध्यम बारिश तथा कहीं-कहीं गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने की संभावना जताई है। इसके साथ ही मानसून के धीरे-धीरे फिर से सक्रिय होने के संकेत भी मिल रहे हैं। बारिश होने पर तापमान में कुछ गिरावट आएगी और उमस से राहत मिलने की उम्मीद है।
विशेषज्ञों की सलाह
विशेषज्ञों का कहना है कि बारिश से पहले उमस का स्तर और बढ़ सकता है। ऐसे में दोपहर के समय अनावश्यक रूप से घर से बाहर निकलने से बचें, पर्याप्त मात्रा में पानी पीते रहें और धूप में निकलते समय सिर को ढककर रखें। आने वाले दिनों में मानसून के सक्रिय होने से मौसम में बदलाव देखने को मिलेगा और गर्मी से कुछ राहत मिलने की संभावना है।
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