उन्होंने कहा कि ब्रिटिश काल में अंबानी, गूजरमल मोदी, टाटा और बिरला नहीं थे। केवल किसान थे। आजादी के बाद से देश में किसानों की चीजों जैसे गेहूं, चावल आदि पर मात्र 100 गुना वृद्धि हुई है, लेकिन अन्य चीजों के दामों में 1 हजार गुना की वृद्धि आई है। आज इंडस्ट्री का राज है। किसान गरीब होता जा रहा है। सरकारें जानबूझकर किसानों को गरीब बनाए हुए हैं। किसानों को एकजुट होकर सरकारों को इसका जवाब देना होगा और मजबूती से अपना विकास करना होगा। इसके लिए उन्हें एकजुट होना होगा। किसानों को 2027 में अपनी सरकार बनानी होगी। प्रदेश में अकेले गन्ना किसान ही किसानों की सरकार बनवाने में कारगर साबित हो सकते हैं।