मजदूर बेसहारा हो गए। घर पहुंचने के लिए भी मशक्कत करनी पड़ रही है, फिर भी संसाधन नहीं मिल रहे। सरकार द्वारा प्रवासियों के लिए बसों का संचालन हुआ, जो तीन दिन में ही धड़ाम हो गया। सोमवार को अंबेडकर नगर का रहने वाला मजदूर बस की इंतजार में मेरठ में कंकरखेड़ा बाईपास पर बैठा था। बस नहीं आई, लेकिन उसको मौत खींच कर ले गई।
अंबेडकर नगर निवासी सुनील कुमार (33) नेहरू नगर नौचंदी में रहता था। मजदूर था और हरीश ठेकेदार के साथ काम करता था। लॉकडाउन के चलते वह अंबेडकर नगर भी नहीं पहुंच पाया। यहां खाने के भी लाले पड़ रहे थे। वह अपने घर जाने का लगातार प्रयास कर रहा था। पुलिस प्रशासन को नाम भी लिखवा दिया। लेकिन प्रवासियों के लिए प्रदेश सरकार द्वारा चलाई गई बसों का संचालन भी रुक गया।
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बताया गया कि सोमवार को सुनील इस उम्मीद में कंकरखेड़ा बाईपास पहुंचा कि वहां से उसे बस जरूर मिल जाएगी। बस के इंतजार में दोपहर दो बजे तक बैठा रहा। अचानक सीने में दर्द उठा और उसके साथी उसे वापस ले आए। उसे एंबुलेंस से मेडिकल ले जाया गया, जहां उसकी मौत हो गई। सीओ सिविल लाइन संजीव देशवाल का कहना है कि शव का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है।
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