राली चौहान के ग्रामीणों ने एक-दूसरे पर हमला और मारपीट का आरोप लगाया है। एक पक्ष ने एकतरफा और गलत कार्रवाई का आरोप लगाते हुए हंगामा कर दिया। एसएसपी ने एसपी देहात अभिजीत कुमार और सीओ भावनपुर को जांच सौंपी है। दोनों पक्षों के 13 लोगों को गिरफ्तार किया गया है।
भावनपुर थाना क्षेत्र के राली चौहान गांव में होली पर मारपीट और फायरिंग के मामले में कार्रवाई से नाराज एक पक्ष की महिलाओं ने बृहस्पतिवार को एसएसपी ऑफिस पर पेट्रोल डालकर आत्मदाह करने की चेतावनी दी। पुलिस ने उनके हाथ से बोतल छीनी। उसके बाद एसएसपी के निर्देश पर इस मामले की जांच शुरू की गई।
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महिलाओं के हाथ से बोतल छीनते हुए।
- फोटो : अमर उजाला
पुलिस के मुताबिक होली के दिन चार मार्च को दो पक्षों पर झगड़े के बाद सात मार्च को पुलिस ने मोनू की तहरीर पर प्राथमिकी दर्ज की थी। इसमें आरोप लगाया था कि रविंद्र और मोनू गांव में एक शोक कार्यक्रम में गए थे। तभी गली में मौजूद राजपाल पक्ष के विकास, रोहित, विक्रांत, सौरभ और शनि ने उन पर टिप्पणी करते हुए गाली-गलौज की। जब मोनू ने विरोध किया तो उन्होंने लाठी-डंडों से हमला किया। ग्रामीणों के आने पर हमलावर जान से मारने की धमकी देकर भाग गए। इस हमले में मोनू को नाक पर चोट आई और रविंद्र की तीन पसलियां टूट गईं। घायलों का इलाज चल रहा है।
बच्चों को लेकर पहुंचे ग्रामीण, पुलिस ने आत्मदाह करने से रोका
मोनू पक्ष के बहादुर प्रताप सिंह, अंशुल, आंचल, सविता, सावित्री और सरोज सहित कई लोग बृहस्पतिवार को एसएसपी कार्यालय पहुंचे। उन्होंने आरोप लगाया कि होली पर झगड़े के बाद 11 मार्च की रात राजपाल पक्ष के लोगों ने उनकी गली में फायरिंग की। इसके बाद राजपाल पक्ष के लोगों ने पुलिस को झूठी सूचना दी कि मोनू पक्ष ने उन पर गोली चलाई है। इसी आधार पर भावनपुर पुलिस ने उनके पक्ष के सात लोगों को हिरासत में ले लिया।
एसएसपी दफ्तर के बाहर हंगामा करते हुए कुछ महिलाओं ने पेट्रोल भरी बोतल निकाल ली लेकिन पुलिस ने उन्हें आत्मदाह करने से रोक लिया। ग्रामीणों के साथ बच्चे भी थे। जब पुलिस ग्रामीणों से पेट्रोल की बोतल छीन रही थी तो छीना-झपटी में एक बच्चा सड़क पर गिर गया। उसे फिर एक महिला पुलिसकर्मी ने संभाला। ग्रामीणों का आरोप है कि अगर चार मार्च को हुए हमले के मामले में भावनपुर थाना पुलिस आरोपियों पर सख्त कार्रवाई करती तो बुधवार रात फायरिंग की घटना नहीं होती।
फायरिंग किसने की, जांच जारी
एसएसपी अविनाश पांडेय ने इस मामले में एसपी देहात और सीओ को जांच करने के निर्देश दिए। एसपी देहात अभिजीत कुमार और सीओ भावनपुर थाने पहुंचे। उन्होंने करीब दो घंटे तक थाने में रहकर प्रकरण की जांच की। एसपी देहात ने बताया कि राजपाल, उनका बेटा विक्रांत, सौरभ, उनके परिवार के विकास, अर्जुन, मन्नू, और दूसरे पक्ष के मोनू, रिंकू, विनय, मनीष, प्रवेश, संतरपाल और प्रशांत समेत दोनों पक्षों के 13 लोगों को गिरफ्तार कर शांतिभंग की कार्रवाई की गई है। फायरिंग के मामले में अज्ञात आरोपियों पर प्राथमिकी दर्ज की गई है। फायरिंग किस पक्ष ने की है इसकी जांच की जा रही है।