बीमार मां को लेकर बड़ा बेटा कचहरी पहुंच गया और मां के नाम संपत्ति अपने नाम कराने लगा। उसने कहा कि मां ने छोटे के नाम पहले से एक प्लॉट कर दिया है। छोटे भाई की पत्नी ने कागज छीन लिए।
74 साल की बीमार मां को एंबुलेंस और स्ट्रेचर पर लेकर मकान का बैनामा कराने के लिए बड़ा बेटा शनिवार को कलेक्ट्रेट स्थित रजिस्ट्रार कार्यालय पर पहुंचा तो छोटे बेटे ने हंगामा कर दिया। दोनों भाइयों में मारपीट की नौबत आ गई। छोटे बेटे ने आरोप लगाया कि बड़ा भाई मां को डाक्टर के यहां ले जाने की बात कहकर रजिस्ट्री कार्यालय में ले आया है, जबकि मां की हालत बेहद नाजुक है।
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झगड़ा करते चंद्रप्रभा के दोनों बेटे।
- फोटो : अमर उजाला
दोनों बेटों को झगड़ता देख बीमार मां की हालत और बिगड़ी गई, उन्हें सांस लेने में दिक्कत होने लगी। मां ने बेटों से कहा कि तुम संपत्ति के लिए सड़क पर झगड़ा और तमाशा मत करो, मैं मरने वाली हूं, मेरे टुकड़े कर आपस में बांट लो। बुजुर्ग महिला ने सभी से इस मामले को अधिक तूल न देने की अपील की और उनके आंसू निकल आए। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर रजिस्ट्री रुकवाकर बीमार महिला को अस्पताल पहुंचाया।
कचहरी में मची अफरातफरी।
- फोटो : अमर उजाला
ब्रह्मपुरी के इंद्रानगर निवासी 74 साल की बुजुर्ग चंद्रप्रभा की हालत गंभीर है। चंद्रप्रभा के दो बेटे व दो बेटियां हैं। चारों शादीशुदा हैं। बुजुर्ग महिला के नाम इंद्रानगर में ही 300 वर्ग मीटर का मकान है। इस मकान को अपने नाम कराने के लिए बड़ा बेटा शनिवार को महिला को डॉक्टर के यहां ले जाने की बात कहकर एंबुलेंस से कलेक्ट्रेट स्थित रजिस्ट्री कार्यालय पर ले आया और दस्तावेज तैयार करा लिए। दो घंटे तक मां घर नहीं पहुंची तो छोटा बेटा अपनी पत्नी के साथ डॉक्टर के क्लीनिक पहुंचा। डॉक्टर ने बताया कि उनकी मां वहां पर नहीं आई हैं। इसके बाद छोटा बेटा मां को तलाशते हुए रजिस्ट्री कार्यालय में पहुंच गया।
रजिस्ट्री ऑफिस से वापस एंबुलेंस में लिटाया
बड़ा बेटा उनकी पत्नी एंबुलेंस से स्ट्रेचर पर चंद्रप्रभा को लिटाकर रजिस्ट्री कार्यालय के अंदर लेकर जा रहे थे। दस्तावेज पर बस चंद्रप्रभा का अंगूठा लगना बाकी था। यह सब देखकर छोटे बेटे व उसकी पत्नी ने हंगामा शुरू कर दिया। उन्होंने मां को रजिस्ट्री कार्यालय से बाहर लाकर एंबुलेंस में लिटा दिया। दोनों भाइयों के बीच गाली-गलौज होने लगी।
छोटे का कहना था कि रजिस्ट्री किसी सूरत में नहीं होनी चाहिए, जबकि बड़ा बेटा रजिस्ट्री कराने पर अड़ा था। हंगामा होने पर कलक्ट्रेट मुख्य द्वार पर तैनात पुलिसकर्मी भी मौके पर पहुंच गए। छोटे बेटे की पत्नी दस्तावेज छीनकर ले आई और सास के साथ एंबुलेंस में बैठ गई।
रजिस्ट्री रोकने की शर्त पर वापस किए दस्तावेज
दस्तावेज छीनने पर रजिस्ट्री विभाग के कर्मचारियों में अफरा-तफरी मच गई। कर्मचारी बाहर आए और दस्तावेज मांगने लगे। महिला ने रजिस्ट्री रोकने की शर्त पर दस्तावेज वापस किए। मामला तूल पकड़ने पर पुलिस ने दोनों पक्षों को धमकाया और तुरंत बुजुर्ग महिला को अस्पताल में भर्ती कराने के लिए कहा।
छोटे बेटे के बेटे के नाम किया था प्लाट
छोटे भाई का कहना है कि इस मकान में चारों भाई-बहनों का हिस्सा है। मुझे संपत्ति नहीं, मां चाहिए। वहीं, बड़े भाई ने कहा है कि मां ने छोटे भाई के बेटे के नाम 280 वर्ग मीटर का प्लॉट कर दिया था। मकान मेरे हिस्से में था, इसलिए उसकी रजिस्ट्री कराने के लिए मां को रजिस्ट्री ऑफिस लाया था।
बुजुर्ग मां का दर्द...
रजिस्ट्री विभाग के एक कर्मचारी ने बुजुर्ग महिला से पूछा कि क्या अपना मकान बड़े बेटे को देना चाहती हैं। यह सुनते ही उनका दर्द बाहर आ गया। उन्होंने रोते हुए कहा कि मेरा अंतिम समय चल रहा है। इसके बावजूद उनके सामने दोनों बेटे आपस में सड़क पर संपत्ति को लेकर लड़ रहे हैं और लोग तमाशा देख रहे हैं। बुजुर्ग महिला ने जैसे ही कहा कि मेरे मरने के बाद मेरे टुकड़े भी बांट लेना। दोनों बेटों की गर्दन शर्म से झुक गई।
अस्पताल ले जाने के लिए कोई बेटा नहीं आया आगे
लोगों ने महिला को अस्पताल ले जाने के लिए कहा। बीमार मां को कौन सा बेटा अस्पताल लेकर जाए, इस पर भी दोनों भाई एक-दूसरे को देखने लगे। दोनों भाइयों में गाली गलौज हो रही थी, लेकिन बीमार मां का इलाज कराने के लिए आगे कोई नहीं आ रहा था। एंबुलेंस में बैठी छोटे भाई की पत्नी बोली कि सास की हालत और बिगड़ गई है। तब जाकर उनको एंबुलेंस में लेकर दोनों भाई अस्पताल ले गए।
ये बोले अधिकारी...
मकान को नाम कराने के लिए स्टांप खरीदे गए थे। गिफ्टेड रजिस्ट्री के दस्तावेज तैयार हो चुके थे। बुजुर्ग महिला का अंगूठा नहीं लगा था। इसके चलते अभी रजिस्ट्री नहीं हुई है। आपत्ति लगने के दौरान ही दस्तावेजों को जब्त कर लिया था। दोनों भाइयों में करोड़ों की प्रॉपर्टी को लेकर विवाद है। - ज्ञानेंद्र कुमार, सहायक आयुक्त स्टांप