भाई का शव ट्रैक्टर-ट्रॉली में रखकर चल पड़ी बहन
आक्रोशित परिजन मेरठ-बिजनौर मार्ग पर गणेशपुर तिराहे पर जाम लगाने के लिए शव लेकर चलने लगे, लेकिन पुलिस ने उन्हें रोक दिया। इसके बाद मृतक अंकित की बहन सोनी और पूजा पुलिस के नाकाम होने की बात कहते हुए ट्रैक्टर-ट्रॉली में रखे शव को लेकर गणेशपुर तिराहे की ओर चल पड़ीं। इसे देखकर पुलिस अधिकारी खामोश हो गए। सोनी ने कहा कि 24 घंटे बाद भी थाना प्रभारी पर कार्रवाई नहीं हुई है। इसके बाद एसपी क्राइम अनित कुमार ने फोन पर एसएसपी से बात की।
पुलिस वालों पर कार्रवाई के बाद माने परिजन
सोनी को बताया गया कि थाना प्रभारी रमेश चंद्र शर्मा को हटा दिया गया है। जंबूद्वीप चौकी इंचार्ज योगेश गिरी और सिपाही मोर मुकुट को निलंबित कर दिया गया है। इसके बाद बहनें ट्रैक्टर से उतरीं। हंगामे के दौरान एसडीएम मवाना पहुंचे। अंकित के परिजनों ने हस्तिनापुर थाना प्रभारी पर कार्रवाई, 20 लाख रुपये की आर्थिक मदद, अंकित की पत्नी को सरकारी नौकरी, परिवार की सुरक्षा के लिए शस्त्र लाइसेंस, दो गनमैन, और विवादित भूमि को खाली करने के संबंध में मांग पत्र दिया। एसडीएम अखिलेश यादव ने पीड़ित परिवार को हर संभव मदद का आश्वासन दिया। इसके बाद परिवार के लोग अंकित के अंतिम संस्कार के लिए तैयार हुए। शाम को चार बजे खेड़ी गंगाघाट पर किया गया। अंतिम संस्कार में क्षेत्र के सैकड़ों लोग मौजूद रहे। अंतिम संस्कार के बाद पुलिस अधिकारियों ने राहत की सांस ली।
एसडीएम ने कहा- तुरंत खाली कराई जाए विवादित भूमि
एसडीम अखिलेश यादव ने नायब तहसीलदार सचिन चौधरी को विवाद वाली भूमि को तुरंत खाली करने के निर्देश दिए। नायब तहसीलदार ने बताया कि यह भूमि सुनील इकवारा के नाम से दर्ज है। नगर पंचायत की जेसीबी मंगाकर जमीन खाली कराने का काम शुरू करा दिया गया। इस भूमि पर अब किसान का कब्जा होगा। ग्रामीणों ने बताया कि वर्षों से इस भूमि पर दोनों परिवारों का कब्जा था, जिसकी वजह से दो हत्याएं हो चुकी हैं।
हस्तिनापुर में अपराध पर नहीं लग रहा अंकुश
हस्तिनापुर ब्लॉक प्रमुख नितिन पोसवाल ने गांव पहुंचकर अंकित के परिजनों को सांत्वना दी। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि हस्तिनापुर थाना प्रभारी रमेश चंद्र शर्मा का रवैया ठीक नहीं था। लगातार अपराध बढ़ रहा था।