गंगा के बढ़ते जलस्तर और तेज कटान ने बृहस्पतिवार को पावर ट्रांसमिशन नेटवर्क को भी बड़ा नुकसान पहुंचाया। शेरपुर नई बस्ती के समीप गंगा की धारा में 220 केवी हाईटेंशन लाइन के दो टावर बह गए, जबकि दोनों ओर खड़े एक-एक टावर क्षतिग्रस्त हो गए। घटना के बाद एहतियात के तौर पर दौराला के मटौर ग्रिड से बिजनौर के नहटौर तक जाने वाली ट्रांसमिशन लाइन को तत्काल बंद कर दिया गया। इससे करोड़ों रुपये के नुकसान का अनुमान लगाया जा रहा है।
मेरठ के दौराला क्षेत्र स्थित मटौर पावर ग्रिड से बिजनौर के नहटौर स्थित 220 केवी उपकेंद्र तक हाईटेंशन लाइन जाती है। यह लाइन हस्तिनापुर क्षेत्र के कई गांवों से होकर शेरपुर नई बस्ती के पास गंगा नदी को पार करती है। नदी के बीच इस लाइन के कई टावर स्थापित हैं। पिछले दो वर्षों से गंगा के लगातार कटान के कारण एक टावर नदी की मुख्य धारा के बीच आ गया था।
बृहस्पतिवार सुबह जलस्तर बढ़ने और तेज बहाव के चलते पहले एक टावर नदी में समा गया। इसके कुछ ही देर बाद दूसरा टावर भी धारा में बह गया। आसपास के दो अन्य टावर भी क्षतिग्रस्त हो गए, जिससे ट्रांसमिशन लाइन पूरी तरह प्रभावित हो गई।
घटना की सूचना मिलते ही पावर ट्रांसमिशन निगम के अधिकारियों ने लाइन को बंद कर सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की। तकनीकी टीम ने मौके का निरीक्षण कर क्षति का आकलन शुरू कर दिया है। प्रारंभिक अनुमान के अनुसार टावरों के बहने और क्षतिग्रस्त होने से विभाग को करोड़ों रुपये की क्षति हुई है।
वैकल्पिक व्यवस्था से जारी रहेगी बिजली आपूर्ति
नहटौर ट्रांसमिशन के अवर अभियंता रोहित तोमर ने बताया कि मटौर स्थित 765 केवीए (ग्रिड) स्टेशन से नहटौर 220 केवी स्टेशन को जाने वाली लाइन का एक हिस्सा क्षतिग्रस्त हुआ है। हालांकि नहटौर, हल्दौर और बसावतपुर सहित नौ बिजलीघरों को आपूर्ति आपूर्ति की जा रही थी, जिसकी आपूर्ति प्रभावित नहीं होने दी जाएगी। अमरोहा और बिजनौर के अन्य ट्रांसमिशन स्टेशनों से वैकल्पिक व्यवस्था कर बिजली आपूर्ति सुचारू रखी गई है। उन्होंने बताया कि क्षतिग्रस्त टावरों की मरम्मत और लाइन को दोबारा चालू कराने की प्रक्रिया जल्द शुरू की जाएगी।
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