लिसाड़ीगेट थाना क्षेत्र से आठ वर्षीय उमर को पढ़ने जाने के दौरान अज्ञात आरोपियों ने अगवा कर लिया। लगभग आधे घंटे बाद बच्चा कब्रिस्तान और श्मशान के पास बोरे में बंद मिला। बच्चे के रोने की आवाज सुनकर एक युवती से उसे बाहर निकाला और राहगीरों की मदद से पुलिस व परिजन को बुलाया।
समर गार्डन पोदीने वाले खेत निवासी जमालुद्दीन सऊदी अरब में नौकरी करते हैं। पत्नी और पांच बच्चे यहां रहते हैं। सोमवार दोपहर को उमर मस्जिद में पढ़ने के लिए गया था। जब उमर का छोटा भाई अब्दुल्ला मस्जिद पहुंचा तो मौलाना ने उमर के संबंध में पूछा। इसके बाद परिजनों को उमर के मस्जिद में न पहुंचने की जानकारी दी गई।
परिजन उमर को तलाश रहे थे। तभी मस्जिद से लगभग पांच सौ मीटर दूर लोहियानगर थाना क्षेत्र के फतेहउल्लापुर के पास स्थित श्मशान व कब्रिस्तान के करीब उमर के मिलने की सूचना मिली। परिजन वहां पहुंचे और उमर की मां इरफाना ने पुलिस को अज्ञात आरोपियों के खिलाफ तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की।
नशीला पदार्थ सुंघाकर अपहरण का आरोप
उमर ने परिजन को बताया कि दो आरोपियों ने उसे नशीला पदार्थ सुंघा दिया था। इसके बाद उसे कुछ पता नहीं है। लिसाड़ीगेट इंस्पेक्टर सुभाष गौतम ने बताया कि जब पुलिस मौके पर पहुंची तो बालक एक युवती के साथ बैठा हुआ था।
एसपी सिटी आयुष विक्रम सिंह का कहना है कि मामला संदिग्ध लग रहा है, पुलिस जांच कर रही है। सीसीटीवी की फुटेज से घटना का खुलासा होगा।