मंडप सज चुका था, हलवाई खाने की तैयारी में जुटे थे। दुल्हन के परिजन रिश्तेदारों, पड़ोसियों और अन्य सहयोगियों के साथ पलक बिछाकर बरात का स्वागत करने के लिए इंतजार कर रहे थे। शाम तक बरात नहीं आई तो परेशान होकर दुल्हन के पिता ने कॉल कर देरी का कारण पूछा। जो जवाब मिला, उसके बाद मंडप में सन्नाटा पसर गया। आरोप है कि दहेज में 20 लाख रुपये की मांग पूरी न करने पर वर पक्ष ने बरात लाने से इंकार कर दिया।
इस संबंध में दुल्हन के दौराला निवासी पिता ने दौराला थाने में तहरीर दी है। पुलिस ने युवक अभिषेक शर्मा और उसके पिता गोपाल शर्मा पर दहेज की मांग करने व अन्य धाराओं में देर रात केस दर्ज किया है। आरोप लगाया है कि उनकी बेटी का इसी वर्ष दो फरवरी को परतापुर क्षेत्र के गांव अछरोंडा में रिश्ता पक्का हुआ था। शादी की तारीख दो नवंबर तय हुई थी।
एक नवंबर को उनके पक्ष के लोग सगाई लेकर लड़के के घर पहुंचे थे और सभी रीति रिवाजों से सगाई की। वहां से लौटने पर परिवार के लोग रिश्तेदारों के साथ शादी की तैयारी में जुट गए। रविवार को दिन में बरात आनी थी।
हाईवे स्थित एक फार्म हाउस में शादी की तैयारियां चल रही थीं। दोस्त, पड़ोसी और जानकार मंडप में खाना खाकर कन्यादान देकर दुल्हन को खुशहाल जीवन का आशीर्वाद देकर लौट रहे थे। दुल्हन के पिता ने बताया कि शाम पांच बजे तक बरात नहीं पहुंची तो उन्होंने फोन किया। दूल्हे के पिता ने फोन पर बरात लाने से इंकार कर दिया।
उन्होंने काफी मान मनौव्वल की लेकिन वह नहीं माने। उन्होंने दूल्हे से भी फोन पर बात की। उसने कहा कि उसे 20 लाख रुपये नकद चाहिए। उसकी नौकरी लगने में 20 लाख रुपये खर्च हुए हैं। दूल्हा पुलिसकर्मी बताया जा रहा है। बरात नहीं आने पर शादी की सभी तैयारी धरी रह गईं। सीओ दौराला प्रकाश चंद्र अग्रवाल ने बताया कि तहरीर के आधार पर जांच की जा रही है। जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।