मवाना के थोक हरिओम नलवा डिप्रेशन में थे, जिसकी वह दवाइयां भी ले रहे थे। आशंका है कि कर्ज के चलते उन्होंने सुसाइड किया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
मवाना की नालंदा कॉलोनी निवासी तेल चीनी के थोक व्यापारी हरिओम नलवा (50) ने दुकान के पीछे गोदाम में छत के कुंडे से प्लास्टिक की रस्सी से लटककर आमहत्या कर ली। आशंका है कि कर्ज से परेशान होकर व्यापारी ने जान दी है। पुलिस ने मौके से सुसाइड नोट बरामद किया है लेकिन उसमें कर्ज आदि का जिक्र नहीं है। पुलिस जांच पड़ताल कर रही है।
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नालंदा कालोनी के व्यापारी हरिओम नलवा की फलावदा चौराहे के पास हरिओम ट्रेडिंग कंपनी के नाम से दुकान है। जिस पर वह चीनी और तेल का थोक का व्यापार करते थे। परिजनों ने बताया कि हरिओम बुधवार सुबह 6 बजे घर से दुकान के लिए कहकर निकले थे। दुकान खोलने के पश्चात शटर उठाकर बाहर से चैनल बंद कर बाहर से ताला लगा दिया। इसके बाद हरिओम ने दुकान के पीछे स्थित गोदाम में जाकर छत के कुंडे में प्लास्टिक की रस्सी से फंदा बनाकर आत्महत्या कर ली।
बड़ा भाई ब्रजमोहन सुबह 8:30 बजे के आसपास दुकान पर पहुंचा तो उसने बाहर से चैनल बंद देखा। जिसके बाद इधर-उधर झांककर देखने का प्रयास किया तो हरिओम के फंदे पर लटकने की जानकारी हुई। ब्रजमोहन बाहर चिल्लाते रहे, कोई मेरे भाई को बचाओ। चैनल का ताला तोड़कर अंदर पहुंचे तो हरिओम की मौत को चुकी थी। हरिओम ने अपने चेहरे को कपड़े से ढंककर फंदा लगाया था। शव के नीचे दो स्टूल उल्टे पड़े थे। सूचना पर पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
दो भाइयों की हो चुकी है मौत
मृतक हरिओम के दो बेटी हैं। एक बेटी बाहर नौकरी करती है। जबकि छोटी बेटी ने इंटर पास की है। बेटा 8 वर्ष का है। मृतक चार भाई थे। एक भाई की एक्सीडेंट में और एक की कैंसर से मौत हो चुकी है। हरिओम सभी भाइयों में सबसे छोटे थे। हरिओम की मौत से परिजनों में मातम पसरा है।
एसपी देहात राकेश कुमार मिश्रा ने बताया कि पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया है। आत्महत्या का कारण कर्ज हो सकता है, दुकान से एक सुसाइड नोट भी मिला है। थाना पुलिस जांच पड़ताल कर रही है।
सुसाइड नोट में लिखा, अब कोई रास्ता नहीं..
सुसाइड नोट में लिखा है कि जयश्रीराम इस कॉपी में इतने रुपये हैं कि मेरा सारा खर्च खत्म हो जाएगा। मेरे पास अब कोई रास्ता नहीं है। हो सके तो माफ कर देना। सीओ अभिषेक पटेल का कहना है कि हरिओम डिप्रेशन में चल रहा थे। दवाइयां भी वह ले रहे थे। डिप्रेशन के चलते ही यह कदम उठाया।