पुलिस के अनुसार मृतका प्रिया पुत्री विष्णु बिहार के छपरा जिले के थाना बनियापुर क्षेत्र अंतर्गत गांव सरिया हरडी की रहने वाली थी। प्रिया के पिता सीआरपीएफ में रायपुर छत्तीसगढ़ में तैनात है। प्रिया विश्वविद्यालय में बीसीए की पढ़ाई कर रही थी। वह अपनी सगी छोटी बहन रिया और ममेरी बहन ज्योति के साथ हॉस्टल में रह रही थी।
सोमवार दोपहर तीनों बहन भोजन कर रही थी। भोजन करने के बाद प्रिया अपने कमरे में चली गई और अंदर से दरवाजा बंद कर लिया। कुछ देर बाद उसकी बहन रिया पीछे आयी तो दरवाजा अंदर से बंद मिला। आवाज देने और दरवाजा खटखटाने के बावजूद जब कोई जवाब नहीं मिला तो उसे अनहोनी की आशंका हुई। रिया तुरंत पास ही मौजूद अपने भाई विशाल के पास पहुंची।
सूचना मिलते ही विशाल अपने दोस्तों के साथ हॉस्टल पहुंचा और दरवाजा तोडक़र अंदर दाखिल हुआ। कमरे के अंदर का दृश्य देखकर सभी के होश उड़ गए प्रिया फंदे से लटकी हुई थी। उसे तुरंत नीचे उतारकर अस्पताल ले जाया गया। जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। घटना की जानकारी मिलते ही पल्लवपुरम पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी। दिल्ली से प्रिया के चाचा संतोष शाम को करीब साढ़े ७ बजे एसडीएस ग्लोबल अस्पताल में पहुंचे और इसके बाद पुलिस ने पंचनामा भरकर शव पीएम के लिए भेजा।
परिवार और साथियों के लिए पहेली बना कदम कारणों की तलाश में जुटी पुलिस
शोभित विश्वविद्यालय की छात्रा प्रिया द्वारा उठाया गया यह कदम अब परिवार और पुलिस दोनों के लिए पहेली बन गया है। परिजन यह समझ नहीं पा रहे हैं कि आखिर ऐसी क्या वजह रही जिसके चलते उसने इतना बड़ा निर्णय ले लिया।
प्रिया पढ़ाई में सामान्य थी और उसने कभी किसी तरह की परेशानी का जिक्र नहीं किया। वहीं साथ पढऩे वाले छात्रों के मुताबिक भी वह सामान्य व्यवहार करती थी और किसी तनाव में नजर नहीं आती थी। पुलिस अब मोबाइल कॉल डिटेल साथियों से पूछताछ और अन्य पहलुओं के आधार पर जांच कर रही है। साथ ही यह भी देखा जा रहा है कि कहीं पढ़ाई निजी जीवन या किसी अन्य कारण से वह मानसिक दबाव में तो नहीं थी।