कई बार गया जेल, जमानत पर आया बाहर
मनप्रीत कई बार जेल जा चुका है। आठवीं पास आरोपी वर्ष 2012-13 में गांव के लड़कों के साथ दिल्ली आ गया था। यहां बाइक चोरी व मोबाइल छिनैती शुरू कर दी। जनवरी 2014 में दिल्ली पुलिस ने कुलजीत सिंह के साथ गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। करीब चार माह जेल में रहने के बाद जमानत पर बाहर आ गया और फिर से लूटपाट शुरू कर दी। वर्ष 2016 में दिल्ली पुलिस ने फिर जेल भेज दिया। उसमें भी जमानत पर बाहर आ गया। वर्ष 2017-18 में पुलिस ने तीसरी बार गिरफ्तार कर जेल भेजा। उस पर मेरठ और दिल्ली के थानों में करीब 25 मुकदमे दर्ज हैं।
पांच लोगों के खिलाफ दर्ज कराया था मुकदमा
तीरथ सिंह की हत्या में मृतक के पिता ने पूर्व प्रधान सज्जन सिंह, परमजीत सिंह उर्फ गुल्ला, कुलदीप सिंह उर्फ मकड़ी, सुरजीत उर्फ टिटौनी और मनप्रीत सिंह उर्फ सन्नी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस ने चार लोगों को तभी जेल भेज दिया था, जबकि मनप्रीत तभी से फरार चल रहा था। पहले उस पर 25 हजार, फिर 50 हजार और बाद में एक लाख का इनाम घोषित किया गया।
यह भी पढ़ें: तीन गिरफ्तार: दवा और तेल के दम पर कर रहे थे बाल उगाने का दावा, लंबी लाइन लगवाकर लगाई दवाई, अब तक की खूब कमाई
छह जनवरी को की थी हत्या
2021 में ग्राम पंचायत चुनाव संपन्न हुए चुनाव में दिलदार सिंह पूर्व प्रधान सज्जन सिंह के खिलाफ चुनाव लड़े। दिलदार सिंह को चुनाव जीतने के लिए उसके बहनोई तीरथ सिंह ने विशेष भूमिका निभाई और मनप्रीत उर्फ सन्नी भी उसे समय दिलदार सिंह का नजदीकी दोस्तों में खास था।
चुनाव से कुछ दिनों के बाद किन्हीं बातों को लेकर दिलदार सिंह और मनप्रीत सिंह के बीच दूरी बढ़ने लगी और वह दूरी धीरे-धीरे दुश्मनी में बदल गई। दिलदार सिंह, तीरथ सिंह का साला था। तीरथ सिंह को मारने की योजना बनाई। 6 जनवरी 2023 की शाम को तीरथ सिंह ससुराल से लौटा तो मौका पाकर सन्नी ने गोली मार कर उसकी हत्या कर दी थी।