कैंट बोर्ड आबूलेन, बॉम्बे बाजार, सदर बाजार समेत 436 एकड़ भूमि नगर निगम को हस्तांतरित करने के लिए तैयार हो गया था। सफाई, पानी की व्यवस्था, सड़क निर्माण और गृहकर सहित कई मामले में निगम को परेशानी हो सकती है। जिसको देखते निगम ने कैंटोनमेंट बोर्ड का प्रस्ताव मानने से इनकार कर दिया था। डीएम की अध्यक्षता में हुई बैठक में निगम अधिकारियों ने कैंट की सरकारी बिल्डिंग के अधिकार, प्राइवेट, सिविल एरिया, व्यवसायिक क्षेत्र को हस्तांतरित करने का प्रस्ताव रखा था। यह मामला रक्षा मंत्रालय तक पहुंच गया। कैंट विधायक अमित अग्रवाल ने भी दोनों पक्षों को सुना था। इसको देखते हुए उत्तर प्रदेश सरकार के निर्देश पर डीएम की अध्यक्षता में कमेटी गठित हुई।
जिसमें अध्यक्ष डीएम दीपक मीणा, उपाध्यक्ष नगर आयुक्त सौरभ गंगवार, एडीएम प्रशासन, एसडीएम और कैंटोनमेंट बोर्ड के सीईओ सहित सात अधिकारी शामिल हैं। नगर निगम ने कैंट के सिविल क्षेत्र का मुआयना किया और आमजन को मूलभूल सुविधा मुहैया कराने बताकर 1200 एकड़ भूमि को निगम में हस्तांतरित कराने का प्रस्ताव बना लिया। बृहस्पतिवार को नगर आयुक्त, एडीएम और एसडीएम ने प्रस्ताव पर मुहर लगा दी है। बताया गया कि कैंटोनमेंट बोर्ड के सीईओ की मुहर का इंतजार है। जिसके बाद कमेटी के अध्यक्ष डीएम ही रक्षा मंत्रालय को रिपोर्ट भेज देंगे। कैंट का सिविल एरिया नगर निगम में हस्तांतरित हो जाएगा।
वार्ड बढ़ेंगे और विकास भी होगा
नगर आयुक्त सौरभ गंगवार का कहना है कि कैंट का सिविल एरिया निगम में हस्तांतरित होने के बाद वार्डों की संख्या भी बढ़ेंगी। क्योंकि अभी तक महानगर में सिर्फ 90 वार्ड हैं, कैंट का एरिया आने पर वार्डों की संख्या 100 से अधिक पहुंच जाएगी। सरकारी, प्राइवेट बिल्डिंग, बाजार, बंगले व व्यवसायिक के साथ सिविल एरिया सहित कई जगह निगम को मिलेगी, तभी विकास ठीक से हो पाएगा। इसके लिए कैटेगिरी भी बनाई जा रही है। कैंटोनमेंट बोर्ड की सहमति के बाद नगर निगम अपना कार्य शुरू कर देगा।