सीआरपीसी की धारा 82 के अंतर्गत कुर्की प्रक्रिया के बावजूद भी रफीक अंसारी कोर्ट में पेश नहीं हुए। हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति संजय कुमार सिंह ने डीजीपी को निर्देश दिए कि रफीक अंसारी के खिलाफ ट्रायल कोर्ट द्वारा पहले जारी किए गए गैर-जमानती वारंट की तामील सुनिश्चित करें। अगर वह अब तक तामील नहीं हुए हैं तो अगली तारीख पर अनुपालन हलफनामा दायर किया जाएगा।
अनुपालन हलफनामा दाखिल करने के सीमित उद्देश्य के लिए मामले को 28 मई के लिए सूचीबद्ध करने का निर्देश कोर्ट ने दिए। पुलिस ने 27 मई को विधायक को बाराबंकी से गिरफ्तार करके कोर्ट में पेश किया था। काेर्ट ने रफीक अंसारी को जेल भेज दिया था।
101 गैर जमानती वारंट के मामले में 53 दिन से जेल में बंद विधायक रफीक अंसारी की हाईकोर्ट से जमानत हो गई है लेकिन अब भड़काऊ बयान वाले मुकदमे में भी उनको जमानत लेनी होगी। इस मामले में न्यायालय में उनके खिलाफ रिमांड बन चुका है।
सपा विधायक रफीक अंसारी
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धार्मिक भावना भड़काने के मामले में भी पुलिस ने किया है आरोप पत्र दाखिल
2022 के विधानसभा चुनाव में शहर सीट से समाजवादी पार्टी के प्रत्याशी रफीक अंसारी का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। चुनावी सभा में रफीक बोल रहे थे कि भाजपा सरकार पर टिप्पणी की थी। कहा था कि मेरठ का मुसलमान कभी डरा नहीं है, डरेगा भी नहीं।
पांच साल सरकार मुसलमानों को दबाने का काम कर रही है। इस मामले में नौचंदी थाना पुलिस ने रफीक अंसारी के खिलाफ धार्मिक भावना भड़काने के मामले में रिपोर्ट दर्ज की थी। नौचंदी पुलिस ने धार्मिक भावना भड़काने वाले मामले में हाल ही में कोर्ट में आरोप पत्र दाखिल किया था। इसके बाद कोर्ट ने 309 सीआरपीसी में रिमांड बनाकर विधायक को जेल से बुलाया था।