मेरठ। परतापुर के मेरठ साउथ रैपिड स्टेशन पर बंद की गई लिफ्ट मंगलवार को फिर से शुरू कर दी गई है। इसके साथ ही सुरक्षाकर्मी को भी तैनात किया गया है। बीते रविवार को लिफ्ट में फंसने से बच्चों सहित आठ लोगों की हालत बिगड़ गई थी। एनसीआरटीसी के अधिकारियों के निर्देश पर मंगलवार को यात्रियों की सुरक्षा के मद्देनजर लिफ्ट में एक सुरक्षाकर्मी तैनात कर दिया गया है। सोमवार को एनसीआरटीसी के एमडी शलभ गोयल, मुख्य जनसंपर्क अधिकारी पुनीत वत्स सहित कई अधिकारियों और ओटीआईएस कंपनी के स्टाफ ने स्टेशन का जायजा लिया था। इस मामले में तकनीकी खराबी, मानवीय लापरवाही, यात्रियों की अधिकता और पावर कट की स्थिति को लेकर जांच जारी है।
रविवार शाम सात बजे मेरठ से दिल्ली जाने वाली रैपिड ट्रेन में सफर करने के लिए तीन बच्चों, चार महिलाओं सहित आठ लोग मेरठ साउथ स्टेशन के पार्किंग स्थल के पास लगी लिफ्ट में चढ़े थे। लिफ्ट अचानक बंद हो गई थी। लगभग एक घंटे तक लिफ्ट में फंसे रहने के कारण आठ लोगों की हालत बिगड़ गई थी। स्टेशन स्टाफ से मदद न मिलने के बाद यात्रियों ने पुलिस को फोन कर मदद मांगी। मौके पर पहुंची पुलिस ने लिफ्ट खुलवाकर लोगों को बाहर निकाला था।
इस दौरान दम घुटने से यात्री परेशान थे। ज्यादा गंभीर होने पर एक युवक को सुभारती अस्पताल में भर्ती कराया गया था। स्टेशन स्टाफ पर लापरवाही का आरोप लगाकर दिल्ली के रोहिणी निवासी रूबीना जफर ने परतापुर थाने में तहरीर दी थी। सोमवार को एनसीआरटीसी के वरिष्ठ अधिकारियों और लिफ्ट का संचालन करने वाली ओटीआईएस कंपनी के अधिकारियों ने स्टेशन का निरीक्षण कर जांच के आदेश दिए थे। लिफ्ट की जांच के चलते सोमवार को लिफ्ट का संचालन भी बंद रहा था। मंगलवार को अधिकारियों के निर्देश पर स्टेशन पर लगी दोनों लिफ्ट में एक एक सुरक्षा कर्मी तैनात कर दिया गया।