Meerut News: छात्रा की हत्या के आरोपियों की गिरफ्तार की मांग को लेकर दलित समाज के लोगों ने कई संगठनों के कार्यकर्ताओं के साथ मिलकर कलक्ट्रेट पर हंगामा किया था। एसएसपी अविनाश पांडेय ने प्रदर्शनकारियों और अधिवक्ता रवि गौतम को सरेआम थप्पड़ मारे थे।
अनुसूचित जाति की छात्रा की हत्या के मामले में कलक्ट्रेट गेट पर सड़क जाम करने के साथ ही हंगामा और बवाल के आरोप में आठ लोगों को सिविल लाइन पुलिस ने बृहस्पतिवार को कोर्ट में पेश कर न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया। वहीं, 25 अज्ञात के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। वीडियो फुटेज के माध्यम से आरोपियों की पहचान कराने का प्रयास किया जा रहा है। एसएसपी अविनाश पांडेय का कहना है कि माहौल खराब करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। वहीं, सोशल मीडिया पर इस मामले को तूल देने के मामले में साइबर विशेषज्ञ निगरानी कर रहे हैं।
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प्रदर्शनकारियों को मारे चांटे, फिर एसएसपी ने वकील को पीटा।
- फोटो : अमर उजाला
रोहटा थाना क्षेत्र के एक गांव की बीए छात्रा की हत्या के मामले में बुधवार को कलक्ट्रेट के बाहर जमकर बवाल हुआ था। पीड़ित परिवार के लोगों के साथ ही मेरठ और बाहरी जिलों से आए सैकड़ों समर्थक मुख्य आरोपी अंकुश के भाई पीएसी सिपाही अंकित चौधरी और उसकी मां की गिरफ्तारी, दुष्कर्म की धाराएं जोड़ने व विवेचना में लापरवाही बरतने वाले पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की मांग कर रहे थे।
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कलेक्ट्रेट के बाहर लाठीचार्ज।
- फोटो : अमर उजाला
करीब तीन घंटे तक चले धरने प्रदर्शन के बाद मौके पर पहुंचे एसएसपी अविनाश पांडेय ने धरना खत्म कराने का प्रयास किया मगर ग्रामीण नहीं माने। बाद में पुलिस ने लाठियां फटकार कर जाम खुलवाया। एसएसपी ने बंदी वाहन के अंदर प्रदर्शन में शामिल रहे रवि गौतम को कई थप्पड़ भी मारे थे। पुलिस ने इस मामले में प्राथमिकी दर्ज की है। पूरी कार्रवाई का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।
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हंगामा करता रवि गौतम।
- फोटो : अमर उजाला
इन्हें भेजा गया जेल
इस मामले में रवि गौतम, दिग्विजय भाटी, लवी प्रधान उर्फ शुभम, ऋतिक गौतम, नवनीत कुमार, अरविंद कुमार, हिमांशु सिद्धार्थ, अंकित कुमार को कोर्ट में पेश किया गया। जहां से उन्हें चौधरी चरण सिंह जिला कारागार 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा गया है। 25 अज्ञात के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। वीडियो के माध्यम से सिविल लाइन पुलिस पहचान कराने की कोशिश कर रही है।
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हंगामा करते लोग।
- फोटो : अमर उजाला
दिग्विजय सिंह भाटी, रवि गौतम और हिमांशु हैं मुख्य आरोपी
एसएसपी अविनाश पांडेय ने बताया कि कलक्ट्रेट व कमिश्नरी कार्यालय के बाहर बिना अनुमति धरना-प्रदर्शन करने और मुख्य मार्ग को जाम करने के मामले में मुख्य आरोपी दिग्विजय सिंह भाटी, रवि गौतम, सुशील गौतम और हिमांशु सिद्धार्थ हैं। दिग्विजय भाटी पर पहले से नौ मुकदमे दर्ज हैं। बैंक मैनेजर को बैंक में घुसकर जातिसूचक शब्द बोलकर धमकाने, टोल बूथ पर बैरियर तोड़ने व टोल कर्मचारियों को धमकाने, दुष्कर्म पीड़िता की मां को धमकाने एवं अन्य कई केस दर्ज हैं। दिग्विजय पर एससी-एसटी एक्ट का भी मुकदमा दर्ज है। दिग्विजय भाटी 10 दिन पहले अमरोहा से जिला बदर हुआ था। ऋतिक पर भी हत्या के प्रयास और सड़क पर जाम का मुकदमा दर्ज है। यह अमित मरिंडा का साथी है। एसएसपी ने बताया कि नाबालिगों और महिलाओं को भड़का कर जाम लगवाया गया।
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हंगामा करते लोग
- फोटो : अमर उजाला
जातिगत बढ़ावा देने वालों पर नजर
पुलिस के अनुसार सोशल मीडिया पर कुछ अराजक तत्वों द्वारा प्रकरण को अनावश्यक रूप से जातिगत बढ़ावा देने का काम किया जा रहा है। सोशल मीडिया लैब से सभी की निगरानी की जा रही है। इसके बाद इनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
वाहन पर पुलिस का स्टीकर लगाकर हुड़दंग का वीडियो हुआ था वायरल
एसपी सिटी विनायक गोपाल भोसले ने बताया कि अमित मरिंडा के साथी ऋतिक का पुलिस का स्टीकर लगे अपने वाहन से हुड़दंग और स्टंटबाजी का वीडियो वायरल हुआ था। इस मामले में पुलिस ने स्टंटबाजी का केस दर्ज किया था।