आचार्य मनीष स्वामी ने बताया कि शास्त्र बताते हैं इस दिन जितना हो सके व्यक्ति को मंत्र का जाप करना चाहिए। श्री विष्णु भक्त और वैष्णव संप्रदाय की मान्यता वाले लोग एकादशी तिथि के दिन यानी चंद्र पखवाड़े के ग्यारहवें दिन एक दिन का उपवास रखते हैं।
देवता भी करते हैं व्रत
देवोत्थान एकादशी पर मनुष्य ही नहीं, बल्कि देवी-देवता भी व्रत करते हैं। पद्मपुराण में कहा गया है कि इस दिन व्रत करने से व्यक्ति के पाप नष्ट हो जाते हैं। इस दिन से सभी शुभ कार्य शुरू हो जाते हैं। इस दिन की स्वामिनी विष्णु प्रिया देवी लक्ष्मी हैं।
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व्रत करने से एक साथ लक्ष्मी और नारायण के व्रत का फल व्रतियों को प्राप्त होगा। चातुर्मास की अवधि को विवाह, मुंडन, या गृहिणी समारोह जैसे आयोजनों के लिए अनुपयुक्त माना जाता है। इसलिए, लोग शुभ समारोहों की योजना बनाने आयोजन करने के लिए चातुर्मास की अवधि समाप्त होने की प्रतीक्षा करते हैं।