शामली की सीमाएं सील, चेकिंग शुरू हुई
जिले की सीमाएं सील कर चेकिंग शुरू कर दी गई है। छह कस्बों और प्रत्येक थानाक्षेत्र के पांच पांच संवेदनशील स्थल चिह्नित किए गए हैं। जहां पुलिस और पीएसी तैनात कर दी गई है। खुफिया विभाग विभिन्न संगठनों के कार्यक्रमों पर नजर रखे हुए है।
बुलंदशहर की घटना के बाद माहौल पहले से ही गर्म है। ऐसे में अयोध्या में विवादित ढांचा गिराने की बरसी होने से प्रशासन अधिक अलर्ट हो गया है। प्रशासन की सबसे बड़ी चिंता गुरुवार को होने वाले आयोजनों को लेकर है। दोनों पक्ष इस तिथि को विजय ओर काला दिवस के रूप में मनाते रहे हैं। हिंदू संगठन से जुडे़ कुछ लोग बाइक रैली निकालने की तैयारी में हैं।
एसपी अजय कुमार ने बताया कि जनपद की सीमाएं हरियाणा के पानीपत, करनाल, बागपत और मुजफ्फरनगर से जुड़ी हैं। यहां पर पुलिस बैरियर लगाकर चेकिंग शुरू करा दी गई है। वाहन में आने वाली किसी भी संभावित भीड़ को जिले में प्रवेश नहीं करने दिया जाएगा। एसपी ने शाम को बागपत सीमा से सटी एलम चौकी पर जाकर व्यवस्थाएं देखीं। वहां बैरियर लगवाकर चेकिंग शुरू करा दी गई।
कार्यक्रमों की जानकारी जुटाता रहा खुफिया तंत्र
बुधवार को एलआईयू (स्थानीय अभिसूचना इकाई) कर्मी भी सक्रिय रहे। दिनभर इस बात की जानकारी जुटाई गई कि गुरुवार को विभिन्न संगठनों द्वारा क्या कार्यक्रम होने वाले हैं। दरअसल पुलिस प्रशासन चाहता है कि किसी भी आयोजन के कारण माहौल खराब न हो। हालांकि किसी भी नए कार्यक्रम की अनुमति प्रशासन द्वारा नहीं दी जा रही है।
सोशल मीडिया पर साइबर सेल की नजर
शामली में बुलंदशहर में हुई घटना के बाद सोशल मीडिया पर तरह तरह के मेसेज वायरल हो रहे हैं। इसमें वहां की घटना के संबंध में बातें कहीं जा रही हैं। मारे गए इंस्पेक्टर को श्रद्धांजलि के साथ विवादित बातें भी चल रही हैं। इस पर एसपी ने साइबर सेल को सक्रिय कर दिया है। साइबर सेल से सोशल साइटों पर नजर रखने को कहा गया है। विभिन्न व्हाट्सएप ग्रुप से जुड़े लोगों के माध्यम से जानकारी जुटाई जा रही है।
6 संवेदनशील जगह चिन्हित
एसपी के अनुसार जिले में संवदेनशीलता के हिसाब से कैराना, कांधला, थानाभवन, बाबरी, झिंझाना और जलालाबाद को चिह्नित कर यहां विशेष सुरक्षा इंतजाम किए गए हैं। जिले के प्रत्येक थाने में पांच-पांच संवेदनशील क्षेत्र चिन्हित किए हैं। यहां पर पुलिस के अलावा पीएसी की टुकड़ियां भी तैनात होंगी।
प्रत्येक थाने में पांच संवेदनशील स्थल चिह्नित किए गए हैं। थाना पुलिस के अलावा एक कंपनी पीएसी भी मंगाई गई है। जनपद की सीमाओं पर बैरियर लगाकर चेकिंग हो रही है। व्हाट्स एप पर साइबर सेल नजर रखे है। यदि किसी ग्रुप या साइट पर कोई विवादित बातें या अफवाहें फैलाता है तो उसकी सूचना तुरंत पुलिस को दें। किसी को माहौल खराब करने की इजाजत नहीं दी जाएगी।
-अजय कुमार एसपी शामली
सहारनपुर में भी अलर्ट जारी किया गया है। शहर से लेकर देहात क्षेत्र में संवेदनशील इलाकों में पुलिस तैनात कर दी गई है। बुधवार को पुलिस और पीएसी के जवानों ने प्रमुख स्थानों और संवेदनशील क्षेत्रों में सक्रियता दिखाई और पैदल मार्च किया। चिह्नित संवेदनशील स्थानों पर विशेष सतर्कता बरते जाने के निर्देश दिए गए हैं।
बुलंदशहर की घटना के बाद तो पुलिस और भी सतर्कता बरत रही है। वहीं, अयोध्या में विवादित स्थल पर राम मंदिर निर्माण की मांग को लेकर महंत परमहंस दास की आत्महत्या की चेतावनी तथा बाबरी मस्जिद एक्शन कमेटी के सदस्यों के छह दिसंबर को शोक दिवस मनाए जाने की घोषणा के बाद सहारनपुर के संवेदनशील स्थानों पर पुलिस की सतर्कता बढ़ गई है।
शहर में पुलिस ने 20 संवेदनशील स्थान चिह्नित किए हैं। जहां विशेष सतर्कता बरती जा रही है। एसपी सिटी प्रबल प्रताप सिंह ने बताया कि शहर में सुरक्षा के मद्देनजर दो कंपनी पीएसी, 300 कांस्टेबल, 75 उप निरीक्षक, दस निरीक्षक तथा पांच क्षेत्राधिकारियों को तैनात किया गया है। यही नहीं पुलिस ने छह दिसंबर की पूर्व संध्या पर बुधवार को ही सक्रियता दिखाई और शहर के विभिन्न इलाकों में मार्च किया।
संवेदनशील इलाकों में मॉक ड्रिल की गई। अभ्यास के दौरान अधिकारियों एवं पुलिसकर्मियों की पोजीशन निर्धारित की गई। एसपी सिटी प्रबल प्रताप सिंह ने बताया कि शहर में सुरक्षा चक्र बना दिया गया है। मॉक ड्रिल भी करा दी गई है। सभी थाना क्षेत्रों में सतर्कता के निर्देश दिए गए हैं। देहात क्षेत्रों में भी थानाध्यक्षों को अलर्ट कर दिया गया है। पुलिस हर स्थिति से निपटने के लिए तैयार है।