आवाज सुनते ही पूरा परिवार घबरा गया। पड़ोसी भी सहम गए और देखते ही देखते सैकड़ों ग्रामीण रात में ही इकट्ठा हो गए। पुलिस को सूचना दी गई, जिसने मौके पर पहुंचकर खाली कारतूस बरामद किए।
यह पहली बार नहीं है, करीब डेढ़ महीने पहले भी इसी घर को निशाना बनाया गया था, लेकिन तब भी किसी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हुई। लगातार दो फायरिंग की घटनाओं ने न सिर्फ पीड़ित परिवार को, बल्कि पूरे गांव को दहशत में डाल दिया है।
शुक्रवार सुबह ग्राम प्रधान प्रतिनिधि रिशिपाल मलिक के नेतृत्व में ग्रामीण थाने पहुंचे और थाना प्रभारी से मुलाकात कर सख्त कार्रवाई की मांग की।
घटना की जानकारी मिलते ही किसान यूनियन के जिला उपाध्यक्ष महताब अहमद, मंत्री ठाकुर राजकुमार, तहसील सचिव गुरमीत प्रधान, समेत कई पदाधिकारी थाने पहुंचे और दबाव बनाया कि यदि जल्द गिरफ्तारी नहीं हुई, तो यूनियन सड़कों पर उतरेगी।
पुलिस ने इस बार भी अज्ञात बदमाशों के खिलाफ तहरीर ली है और कार्रवाई का आश्वासन दिया है, लेकिन ग्रामीणों का भरोसा अब जवाब चाहता है।