मेरठ में किसानों को समय पर गन्ना भुगतान न किये जाने पर रास्ट्रीय लोगदल ने गुरुवार को गन्ना भवन पर धरना दिया।
जिलाध्यक्ष मतलूब गोड ने कहा कि प्रदेशभर में कई मिल ऐसी है जिन्होंने अभी तक किसानों को गन्ना भुगतान नही किया है। भुगतान समय पर न होने के कारण किसानों के घरों में शादी विवाह व अन्य आयोजन नही हो पा रहे है।
मेरठ में ही किनोनी मिल पर किसानों का करोड़ों रुपये बकाया है। उन्होंने आगामी पेराई सत्र में 14 दिनों में गन्ने का भुगतान करने की मांग की। उन्होंने मुख्यमंत्री के नाम एक ज्ञापन भी अधिकारियों को सौंपा।
मेरठ विकास प्राधिकरण (मेडा) में गुरुवार को ट्रैक्टर ट्रॉली उसे किसान प्राधिकरण पहुंचे। किसानों ने नेशनल हाईवे 58 पर परतापुर से मोदीपुरम तक ग्रीन वर्ज के लिए मुआवजे की मांग की। किसानों का कहना था कि बाईपास पर सड़क के बीच से साढ़े 24 मीटर तक का मुआवजा किसानों को दिया हुआ है।
अब मेरठ विकास प्राधिकरण की सड़क विस्तारीकरण की सीमा 29 मीटर है। इस समय काली सड़क का निर्माण बीच से साढ़े 11 मीटर तक है। साढ़े 11 मीटर से साढ़े 24 मीटर तक 13 मीटर तक विस्तारीकरण में और जमीन अधिग्रहण करने की आवश्यकता नहीं है।
13 मीटर तक सड़क किसी भी रूप में विस्तार करने के बाद 38 मीटर तक विस्तारीकरण की आवश्यकता होगी तो उस परिस्थिति में किसान मोर्चा लेकर जमीन खाली करने को भी तैयार हैं। लेकिन बिना मुआवजे के 1 मीटर जमीन भी नहीं देंगे।
इस बीच कमिश्नरी में मेरठ विकास प्राधिकरण की बोर्ड बैठक भी चल रही थी। जहां से प्राधिकरण उपाध्यक्ष अभिषेक पांडेय, सचिव चंद्रपाल तिवारी, विशेष कार्य अधिकारी रंजीत कुमार आदि भी प्राधिकरण पहुंचे और जमीन पर बैठकर किसानों के बीच वार्ता की जा रही है।