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बवाल में जल गया बेटियों के दहेज का सामान, दहशत और दबिश के डर से एक की मौत, करोड़ों का नुकसान

Thu, 07 Mar 2019 02:04 PM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
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मेरठ बवाल - फोटो : अमर उजाला
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ढाई साल की मासूम बेटी को गोद में लिए खड़ी मोमीना का रो-रोकर बुरा हाल था। कभी जलती झोपड़ियों की तरफ देखती तो कभी चिल्लाने लगती कि अब क्या होगा। पांच बच्चों को लेकर वो कहां जाएगी। मोमीना को रोते देख उसका बेटा भी सुबकने लगा। 
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रोते-रोते बस यही बोला कि सारे घर जला दिए। अब हम कहां रहेंगे। भूसा मंडी में जलती झोपड़ियों के पास रोने वाला यह अकेला परिवार नहीं था। एक परिवार की दो बेटियों की शादी को जोड़ा गया दहेज का सामान भी जलकर राख हो गया। जगह-जगह महिलाएं सिसक रहीं थीं। चिल्ला रही थीं कि सब कुछ जलकर राख हो गया। अब वे कहां सिर छिपाएंगे। बच्चों को कहां सुलाएंगे। 

भूसा मंडी में बुधवार शाम आग से 150-200 झुग्गियां जलकर राख हो गईं। हर तरफ कोहराम मचा था। महिलाएं-बच्चे बिलखकर बस यही कह रहे थे कि उनका सब कुछ उजड़ गया। वह कहां जाकर रहेंगे। बच्चों का रो-रोकर बुरा हाल था तो कई महिलाएं बिलख रहीं थीं कि जैसे-तैसे बेटियों के दहेज का सामान जोड़कर रखा था। 

एक महिला ने बताया कि अगले सप्ताह उसकी दो बेटियों की शादी है, उनके दहेज का सामान जल गया। किसी की पत्नी लापता थी तो कोई अपनों बच्चों को इधर-उधर तलाश रहा था। झुग्गियों में रहने वाले बस इतना ही बता पा रहे थे कि अचानक आग लगी और कुछ ही देर में सारी झुग्गियों को चपेट में ले लिया। 

मेरठ बवाल - फोटो : अमर उजाला
आग का शोर मचने पर सभी बच्चों-महिलाओं को निकालकर जैसे तैसे जान बचाकर बाहर भाग लिए। कोई कुछ सामान नहीं बचा पाया। जिनकी झुग्ग्यिों में आग पर फायर ब्रिगेड ने काबू पा लिया, वह ठेले में जले सामान को लेकर इस चिंता में खड़े हुए थे कि इसको लेकर जाएं तो कहां जाएं। 

भूसा मंडी इलाके में रहने वाली महिलाएं भी इन गरीबों का हाल देखकर अपने आंसू नहीं रोक पा रही थी। हर कोई उनका हाल देखकर कह रहा था कि यह अब कहां रहेंगे। कहां सोएंगे। बच्चे रोती मां से पूछ रहे थे कि अब हमारा क्या होगा। 

झुग्गियों में रहने वाले  बार-बार यही बोल रहे थे कि जिंदगी भर की कमाई राख हो गई। कहां से खाना खाएंगे। कहां पर रहेंगे। देर रात तक पूरे इलाके में दहशत पसरी रही। रात भर लोग जगाते रहे। इस दौरान झुग्गियों में कई बकरे-बकरी और मुर्गे-मुर्गियां भी जल कर मर गए।
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एक से डेढ़ करोड़ रुपये का नुकसान 
डेढ़ सौ से दो सौ झुग्गियों में रहने वालों लोगों ने वर्षों से सामान जोड़ रखा था। लोगों का कहना था कि 30-50 हजार रुपये का सामान हर झुग्गी में था। ऐसे में आग से एक से डेढ़ करोड़ रुपये के नुकसान का आंकलन लगाया जा रहा है। 

भूसा मंडी में दबिश की दहशत, युवक ने दम तोड़ा  
भूसा मंडी, मछेरान को पुलिस-आरएएफ ने छावनी में तब्दील कर दिया। हल्ला मचा दिया कि रात में पुलिस दबिश देकर बवालियों की गिरफ्तारी करेगी। इसी दौरान रहीस (40) को दहशत के चलते हार्ट अटैक हो गया। इससे पहले परिजन रहीस को अस्पताल लेकर जाते कि उसकी मौत हो गई। लोगों ने आरोप लगाया कि दबिश की दहशत में मौत हुई है। वहीं पुलिस का कहना है कि रात में कोई दबिश नहीं दी गई।  
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