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Meerut: रिटायर्ड शिक्षक को किया डिजिटल अरेस्ट, दो एफडी तुड़वाकर ठगे सात लाख, ये बात कहकर डराया

Thu, 20 Aug 2026 12:49 AM IST
Mohd Mustakim अमर उजाला नेटवर्क, मेरठ

सार

फूलबाग कॉलोनी निवासी रिटायर्ड शिक्षक जीत सिंह को एनआईए अधिकारी बनकर ठगों ने कॉल किया। जीत सिंह के आतंकवादियों के साथ संबंध बताकर डराया। साइबर थाना पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है। 
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cyber crime cyber fraud - फोटो : Adobe Stock
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विस्तार
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साइबर ठगों ने एनआईए अधिकारी बनकर फूलबाग कॉलोनी निवासी सेवानिवृत्त शिक्षक जीत सिंह को डिजिटल अरेस्ट कर सात लाख रुपये ठग लिए। ठगों ने शिक्षक को आतंकवादियों से संबंध होने और आईसीआईसीआई बैंक के जरिये दो करोड़ रुपये प्राप्त करने के मामले में फंसाने की धमकी दी। साइबर ठगों ने 9 से 12 अगस्त तक पीड़ित को वीडियो कॉल के जरिये निगरानी में रखा और किसी से संपर्क नहीं करने की चेतावनी दी। 13 अगस्त को पीड़ित ने परिजनों को मामले की जानकारी दी। पीड़ित की तहरीर पर साइबर पुलिस ने ठगी की प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
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नौचंदी थाना क्षेत्र के फूलबाग कॉलोनी निवासी जीत सिंह ने साइबर थाने पर प्राथमिकी दर्ज कराई। बताया कि नौ अगस्त की सुबह उनके मोबाइल पर एक अनजान नंबर से कॉल आया। कॉल करने वाले ने अपना नाम रणजीत और खुद को एनआईए अधिकारी बताया। उसने पीड़ित को देश विरोधी मामले में आरोपी बताते हुए वारंट जारी कराने की धमकी दी। इसके बाद दूसरे नंबर से बात कराते हुए उसे निर्दोष होने का प्रमाण पत्र लेने के नाम पर लगातार डराया गया।
पीड़ित के अनुसार, ठगों ने उसे डिजिटल अरेस्ट कर लिया। उसे किसी रिश्तेदार या परिचित से संपर्क नहीं करने दिया गया। 10 अगस्त को संदीप ग्रोवर नाम के व्यक्ति ने फोन कर सीनियर अधिकारी राकेश अग्रवाल से बात कराई। आरोपियों ने वीडियो कॉल के दौरान पीड़ित के घर और परिवार से जुड़ी कई बातें भी बताईं।
 

दो एफडी तुड़वाकर भेजे सात लाख
आरोपियों के दबाव में पीड़ित ने 11 अगस्त को सेंट्रल बैंक, जेल चुंगी से दो एफडी तुड़वाईं। इसके बाद 12 अगस्त को आरटीजीएस के माध्यम से सात लाख रुपये कृष्णा नाम के व्यक्ति के कोटक महिंद्रा बैंक खाते में भेज दिए गए। ठगों ने 18.80 लाख रुपये की और मांग की। 13 अगस्त को साइबर आरोपियों ने तीन लाख रुपये के चेक की फोटो भी ली। इसके अलावा 18.80 लाख रुपये के एक अन्य चेक के जरिये रकम स्थानांतरित करने की तैयारी थी, लेकिन 15 व 16 अगस्त को बैंक की छुट्टी होने के कारण रकम ट्रांसफर नहीं हो सकी।
पीड़ित को ठगी का एहसास हुआ। उसने खुद को अधिक बीमार और परेशान बताते हुए अपनी पत्नी से ठगों की बात कराई और रकम वापस करने को कहा। इसके बाद उसने परिचितों को पूरी घटना बताई और आरोपियों के मोबाइल नंबरों पर संपर्क बंद कर दिया।
 
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आरोपियों ने चेक बुक व आधार कार्ड ऑनलाइन ले लिए
पीड़ित शिक्षक ने बताया कि ठगों ने उनके छह बैंक खातों से संबंधित चेकबुक, आधार कार्ड की प्रतियां और अन्य दस्तावेज व्हाट्सएप के जरिये हासिल कर लिए हैं। उसे आशंका है कि इन दस्तावेजों का भविष्य में दुरुपयोग किया जा सकता है। पीड़ित ने पुलिस से रिपोर्ट दर्ज कर ठगी की रकम बरामद कराने और आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
ये बोले एसपी 
एसपी क्राइम अवनीश कुमार का कहना है कि आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। मामले की जांच की जा रही है। 
 
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