सेंट्रल मार्केट प्रकरण मेरठ
- फोटो : अमर उजाला
सेंट्रल मार्केट प्रकरण मेरठ
- फोटो : अमर उजाला
प्रदर्शनकारियों ने रखी अपनी बात
धरने में शामिल शालिनी गुप्ता ने कहा कि जीवनभर की कमाई से बनाया गया घर ही उनका सबसे बड़ा सहारा है। यदि मकान चला गया तो परिवार के पास कुछ नहीं बचेगा।
शीतल पुजानी ने कहा कि पहले कारोबार प्रभावित हुआ और अब घरों पर संकट खड़ा हो गया है। उनका कहना है कि व्यवस्थागत खामियों की सजा आम लोगों को नहीं मिलनी चाहिए।
राधा गुप्ता ने कहा कि मकानों से बच्चों का भविष्य जुड़ा हुआ है और परिवार लगातार चिंता में जी रहा है। रीना अग्रवाल ने कहा कि वे अपने घरों को बचाने के लिए संघर्ष जारी रखेंगी और प्रशासन से न्यायपूर्ण समाधान की उम्मीद करती हैं।
यह है पूरा मामला
आवास विकास परिषद की आवासीय योजना संख्या-7 के सेक्टर-1 से सेक्टर-13 तक आवासीय भूखंडों में व्यावसायिक गतिविधियों और भवन निर्माण नियमों के अनुपालन को लेकर मामला सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन रहा है।
इससे पहले परिषद की ओर से 1468 भवन स्वामियों को नोटिस जारी किए गए थे। सेंट्रल मार्केट का एक बड़ा व्यावसायिक परिसर ध्वस्त किया जा चुका है। 44 संपत्तियां सील हैं और कई भवनों में निर्धारित खुला स्थान छोड़ने के संबंध में कार्रवाई की प्रक्रिया चल रही है।