मेरठ और आसपास में अभी तक कहीं पर भी वायु प्रदूषण पर नियंत्रण नहीं पाया जा सका है। जगह-जगह कूड़े जलाए जा रहे हैं और ग्रेप सिस्टम की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। खराब हवा से लोगों को सांस लेने में भी दिक्कत हो रही है। सुबह बाहर टहलने वालों को दिक्कत हो रही है।
मेरठ यह रहा प्रदूषण का हाल
गंगानगर 324
जय भीम नगर 356
पल्लवपुरम 366
अन्य शहरों में यह रहा प्रदूषण का हाल
बागपत 345
बुलंदशहर 368
दिल्ली 395
गाजियाबाद 429
ग्रेटर नोएडा 396
हापुड़ 433
मेरठ 349
नोएडा 414
मुजफ्फरनगर 388
वायु प्रदूषण रोकने के उपाय
-वाहन का उपयोग कम करें पैदल चलें और साइकिल चलाएं या सार्वजनिक परिवहन जैसे बस या मेट्रो का उपयोग करें।
-अगर आपको गाड़ी चलानी ही है तो कारपूलिंग करें और अपनी गाड़ी का सही रखरखाव करें।
-स्वच्छ ऊर्जा का उपयोग करें। जीवाश्म ईंधन से बनने वाली बिजली की जगह सौर या पवन ऊर्जा जैसी नवीकरणीय ऊर्जा का उपयोग करें। घरों और उद्योगों में सोलर पैनल लगवाएं।
-अधिक पौधे लगाएं। पेड़ कार्बन डाइऑक्साइड को सोखकर ऑक्सीजन छोड़ते हैं, इससे हवा साफ होती है। पौधरोपण में भाग लें या अपने आसपास पेड़ लगाएं।
मौसम में उतार-चढ़ाव के बीच बढ़ी ठंड
मौसम में उतार- चढ़ाव के बीच ठंड में बढोतरी हो रही है। रविवार को दिन में मौसम सर्द रहा और धूप ने राहत दी। चौधरी चरण सिंह विवि की मौसम वेधशाला में दिन का अधिकतम तापमान 26.2 डिग्री और रात का न्यूनतम तापमान 11.6 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया। सरदार वल्लभ भाई पटेल कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के मौसम वैज्ञानिक डॉ. यूपी शाही का कहना है कि तीन -चार दिन तक मौसम में उतार- चढ़ाव बना रहेगा। फिलहाल अभी प्रदूषण के स्तर में सुधार के आसार नहीं है। प्रदूषण का लेवल अभी लाल श्रेणी में ही रहेगा।