उपचार के लिए सैन्य अस्पताल में भर्ती कराया गया। पिता अपनी बेटी को देखने गोवा रवाना हो गए। उन्हें रास्ते में ही निकिता की मौत की जानकारी मिली। रविवार सुबह पार्थिव शरीर लेकर नेवी के सब लेफ्टिनेंट सौरभ द्विवेदी, नीरज कुमार के साथ मेरठ कैंट क्षेत्र से हवलदार मदन मोहन, नायक पवन गोलकर, लांस नायक रवि कुमार, विक्रम सिंह गांव पहुंचे।
तिरंगे में लपेटकर अंतिम संस्कार स्थल ले जाया गया। अंतिम सलामी के साथ भावभीनी श्रद्धांजलि दी। बड़े भाई नितिन ने नम आखों के साथ बहन की चिता को मुखाग्नि दी। इस दाैरान आसपास के ग्रामीण भी माैजूद रहे।
देश की सेवा का था जुनून
निकिता के परिवार में पिता सुनित चौहान के अलावा मां सीमा, बड़ा भाई नितिन और छोटा भाई निखिल हैं। पिता ने बताया निकिता ने पहले जेल चुंगी के समीप मणीदीप स्कूल से पढ़ाई की थी। इसके बाद 12वीं तक की पढ़ाई कृष्णा पब्लिक स्कूल से की। बाद में सीसीएसयू से बीएससी ऑनर्स द्वितीय वर्ष तक पढ़ाई की। इसी बीच उसका नेवी में अग्निवीर भर्ती योजना में नंबर आ गया था।