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Meerut: निगम अफसरों पर भड़के राज्यसभा सांसद लक्ष्मीकांत वाजपेयी, बोले-मेरठवासियाें का उत्पीड़न बर्दाश्त नहींं

Sat, 03 Aug 2024 09:17 PM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ

सार

मेरठ नगर निगम पहुंचे भाजपा नेता लक्ष्मीकांत वाजपेयी ने आज नगर निगम अफसरों को जमकर फटकार लगाई। उन्होंने कहा कि या तो कार्रवाई ठीक करें अन्यथा जो कार्रवाई नहीं कर रहे उन पर कार्रवाई होगी।
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लक्ष्मीकांत वाजपेयी - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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जन्म मृत्यु प्रमाण पत्र कार्यालय में सेना के जवान पर हमले के मामले में तीन कर्मचारियों पर गाज गिर गई है, इसके बावजूद शनिवार दोपहर फिर बखेड़ा हो गया। बिचौलियों द्वारा प्रमाण पत्र बनवाने को लेकर लोगों ने हंगामा कर दिया। राज्यसभा सदस्य डॉ. लक्ष्मीकांत वाजपेयी ने निगम में पहुंचकर अधिकारियों-कर्मचारियों को जमकर खरीखोटी सुनाई। इसी दौरान नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. गजेंद्र सिंह ने कहा कि यह काम मेरे पद का नहीं, जिस पर डॉ. वाजपेयी बोले कि लिखकर दीजिए, मैं निस्तारण करारूंगा। महापौर हरिकांत अहलूवालिया ने भी निगम पहुंचकर निगम अधिकारियों को फटकार लगाई। ये मामला तूल पकड़ने पर शाम को डीएम ने एसडीएम सदर, सीएमओ व निगम अधिकारी को बुलाकर जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र जारी करने को सुलभ करने के निर्देश दिए।
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नगर निगम परिसर में जन्म-मृत्यु प्रमाण जारी न होने की समस्या लगातार बढ़ती जा रही है। महापौर और भाजपा पार्षद शिकायत कर रहे, मगर समाधान नहीं हो रहा है। चार दिन पहले सेना के जवान रामवीर पर नगर निगम के तीन कर्मचारी राहुल अब्बासी, सलीम और हरीश कुमार ने हमला कर दिया था। जिसको लेकर निगम की काफी किरकिरी हुई। नगर आयुक्त ने राहुल अब्बासी, सलीम को निलंबित कर दिया, जबकि हरीश की सेवा समाप्त कर दी है। 

शनिवार को जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र कार्यालय में बाहरी लोग घुसे थे और आम जनता काउंटर के बाहर लाइन लगाकर खड़ी थी। लोगों ने हंगामा कर दिया, जिसकी सूचना पर राज्यसभा सदस्य डॉ. लक्ष्मीकांत वाजपेयी पहुंच गए। डॉ. वाजपेयी ने लोगों से बातचीत की, जिसमें निगम की कार्यशैली की पोल खुल गई। डॉ. वाजपेयी ने पहले उन कर्मचारियों के बारे में पूछा, जिन्होंने सेना के जवान पर हमला किया था। तीनों कर्मचारी वहां नहीं मिले। वहां पर मौजूद अपर नगर आयुक्त पंकज कुमार ने तीनों कर्मचारियों पर कार्रवाई की बात कही।
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डॉ. वाजपेयी ने कर्मचारियों को जमकर खरीखोटी सुनाई और व्यवस्था सुधारने की नसीहत दी। करीब एक घंटे बाद महापौर हरिकांत अहलूवालिया भी जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र कार्यालय में पहुंचे। अधिकारियों को फटकार लगाकर कहा कि लखनऊ तक मेरी बदनामी हो रही है। पार्टी के बड़े नेता को आज यहां पर आना पड़ गया। इससे ज्यादा क्या हो सकता है। जिस पर अपर नगर आयुक्त ने महापौर को बताया है कि जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र वाली वेबसाइट बहुत धीमी चल रही है। एसडीएम और सीएमओ कार्यालय में प्रमाण पत्र के दस्तावेज जाते हैं, जिसके चलते कुछ देरी हो जाती है। महापौर ने डीएम को इसकी जानकारी दी। डीएम ने शाम 6:00 बजे निगम अधिकारी, सीएमओ और एसडीएम सदर को अपने कार्यालय में बुलाया। डीएम ने कहा कि तीनों विभाग के अधिकारी जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र जारी करना सुलभ बनाएं। जिस स्तर से लापरवाही या देरी हो रही है, उसका तुरंत निस्तारण करें। तीनों विभाग फार्म को आगे भेजने का समय निधारित कर लें।

लिख दीजिए, समाधान कराऊंगा
नगर स्वास्थ्य अधिकारी ने कहा कि मैं स्वास्थ्य विभाग का अधिकारी हूं। 2017 में शासन का आदेश जारी हुआ था कि नगर निगम में स्वास्थ्य अधिकारी तैनात नहीं होंगे। इसके बावजूद मैं निगम परिसर में बैठकर आमजन की शिकायत सुन रहा हूं और जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र की जिम्मेदारी अकेला संभाल रहा हूं। यह मेरे पद का काम नहीं है। यह बात सुनकर डॉ. वाजपेयी ने कहा कि लिख कर दीजिए। आप कार्य करने में असमर्थ है। समाधान कराऊंगा।

वाजपेयी के बाद महापौर पहुंचे
सेना के जवान पर हमले की मामला चार दिन पहले हुआ था। शनिवार को राज्यसभा सदस्य डॉ. वाजपेयी ने निगम परिसर में पहुंचकर कर्मचारियों को हड़काया ही नहीं, बल्कि सेना के जवान पर हमले की घटना पर नाराजगी जताई। निगम में भ्रष्टाचार और बिचौलियों की संख्या ज्यादा बढ़ने पर गुस्सा जताया। वाजपेयी के पहुंचने के बाद महापौर भी पहुंचे। महापौर ने कर्मचारियों से सेना के जवान के साथ घटना की जानकारी ली।

सीसीटीवी कैमरों की निगरानी में करेंगे काम
जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र कार्यालय में सीसीटीवी कैमरे चालू नहीं हैं। निगम कर्मचारियों का कहना है कि सेना के जवान ने मारपीट शुरू की थी। जबकि वायरल वीडियो में कर्मचारी ही सेना के जवान से मारपीट करते दिखाई दे रहे हैं। सीसीटीवी कैमरे न होने से स्थिति स्पष्ट नहीं हो पाई। अपर नगर आयुक्त पंकज कुमार का कहना है कि अब सीसीटीवी कैमरों की निगरानी में जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र और गृहकर का कार्य होगा। एक स्क्रीन निगम परिसर में लगेगी, जिसमें आमजन भी देख सकेंगे कि कर्मचारी क्या कार्य कर रहे हैं। कार्यालय में आम जनता की आवाजाही नहीं होगी। काउंटर से प्रमाण पत्र जारी होंगे। जनप्रतिनिधियों को सुविधा भी देने का प्रयास करेंगे। 

इंडेक्स नहीं हुआ, जिससे हुई अव्यवस्था
जन्म-मृत्यु प्रमाण कार्यालय में अव्यवस्था का मुख्य कारण नगर निगम की घोर लापरवाही है। एसडीएम कार्यालय से आने वाले फार्म का इंडेक्स यानी रजिस्टर में दर्ज नहीं करते। नतीजा अक्तूबर 2023 से जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र के आवेदन वाले फॉर्म की संख्या बढ़ती गई। एसडीएम कार्यालय से लोग फार्म नंबर लेकर निगम में आते हैं, जहां पर फार्म नहीं मिलते। हजारों की संख्या में फार्म गायब कर दिए, जिसके चलते रोजाना वहां हंगामा होता है। खुद को बचाने के लिए निगम अधिकारी या कर्मचारी फार्म को रिजेक्ट बता देते हैं। जबकि एसडीएम कार्यालय से कोई फार्म रिजेक्ट नहीं हुआ, बल्कि संशोधन के लिए कहा गया।



 
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