यूथ कांग्रेस जिलाध्यक्ष ने लगाया नजरबंदी का आरोप
लावड़ में गांव मीठेपुर निवासी और यूथ कांग्रेस जिलाध्यक्ष सुमित विकल ने आरोप लगाया कि छात्र हितों की आवाज उठाने से रोकने के लिए पुलिस ने उन्हें नजरबंद कर रखा है। सुमित विकल के अनुसार, 21 जुलाई की रात करीब डेढ़ बजे से उनके आवास पर पुलिस तैनात है।
उनका कहना है कि 23 जुलाई तक भी पुलिसकर्मी उनके घर के बाहर मौजूद रहे और उन्हें कहीं आने-जाने की अनुमति नहीं दी गई। उन्होंने आरोप लगाया कि शांतिपूर्ण तरीके से छात्रों के मुद्दे उठाने से रोकने के लिए यह कार्रवाई की गई है।
सपा नेता को घर से बाहर निकलने से रोका
जंतर-मंतर पर चल रहे छात्र आंदोलन को लेकर पुलिस प्रशासन की सक्रियता के बीच टीपीनगर पुलिस ने समाजवादी युवजन सभा के प्रदेश महासचिव और जिला पंचायत सदस्य सम्राट मलिक को उनके आवास पर ही रोक दिया।
सम्राट मलिक का कहना है कि पुलिस ने उन्हें अपने सिवालखास विधानसभा क्षेत्र में जाने से भी रोक दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि लोकतंत्र में जनता के बीच जाना, शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखना और राजनीतिक गतिविधियों में भाग लेना जनप्रतिनिधि का संवैधानिक अधिकार है। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भी इस घटना से संबंधित वीडियो अपने सामाजिक माध्यम खाते पर साझा किया है।
सम्राट मलिक ने आरोप लगाया कि विपक्षी नेताओं और समाजवादी कार्यकर्ताओं को रोकना लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है। उन्होंने जनप्रतिनिधियों और राजनीतिक कार्यकर्ताओं को शांतिपूर्ण ढंग से अपने कार्यक्रमों में भाग लेने की अनुमति देने की मांग की।