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बसपा ने अब शैलेंद्र का पत्ता किया साफ

Wed, 24 Feb 2016 01:38 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, मेरठ
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सरधना में टिकट काटने के बाद अब बसपा ने कैंट सीट से भी अपने प्रत्याशी को हटा दिया है। यहां से पहले से घोषित प्रत्याशी शैलेंद्र चौधरी को पार्टी से निष्कासित कर दिया है। अभी कैंट सीट पर दावेदार घोषित नहीं किया है, लेकिन यहां से किसी जाट या पंजाबी के दावे को मजबूत माना जा रहा है। सतेंद्र सोलंकी को लेकर सरधना से चर्चा है, लेकिन कहा जा रहा है कि वे कैंट सीट से चुनाव लड़ना चाहते हैं।
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पिछले विधानसभा चुनाव में भी बसपा ने कई टिकटों में बदलाव किया था। हस्तिनापुर सीट पर तत्कालीन विधायक योगेश वर्मा का न केवल टिकट काटा था बल्कि बाहर का भी रास्ता दिखा दिया था। यही नहीं चुनाव से पहले ही याकूब कुरैशी को भी बाहर का रास्ता 2012 के चुनाव में दिखाया गया था। इनमें याकूब कुरैशी ने रालोद ज्वाइन कर सरधना से चुनाव लड़ा तो योगेश वर्मा ने निर्दलीय चुनाव लड़ा।

अब एक बार फिर बसपा ने उसी तर्ज पर काम करना शुरू हो कर दिया है। लगभग 15 दिन पहले सरधना से प्रत्याशी संजीव धामा का न केवल टिकट काटा, बल्कि पार्टी से भी निष्कासित कर दिया। अब कैंट सीट पर घोषित प्रत्याशी शैलेंद्र चौधरी पर पार्टी विरोधी गतिविधियों में संलिप्त होने और अनुशासनहीनता का आरोप लगाते हुए बाहर का रास्ता दिखा दिया गया है।
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सोलंकी के साथ सुनील वाधवा की भी चर्चा
कैंट सीट पर अब सतेंद्र सोलंकी और सुनील वाधवा का दावा माना जा रहा है। सतेंद्र सोलंकी सरधना से प्रत्याशी लगभगय तय हो चुके हैं, लेकिन वे सरधना के बजाए कैंट सीट पर लड़ना चाहते हैं और इसके लिए मजबूती से पैरोकारी भी करा रहे हैं। पार्टी सूत्रों की मानें तो सतेंद्र सोलंकी का दावा कैंट पर ज्यादा मजबूत है। इसके पीछे याकूब और अखलाक पक्ष की भी पैरोकारी मानी जा रही है। कहा जा रहा है कि शाहिद अखलाक की पार्टी में जल्द वापसी तय है और ऐसे में अखलाक परिवार के हिस्से में दक्षिण की सीट भी आ सकती है। ऐसा होने पर पार्टी याकूब कुरैशी को सरधना से भी उतार सकती है। हालांकि पार्टी के नेताओं ने अभी इस संबंध में कुछ भी प्रतिक्रिया नहीं दी है और याकूब मजबूती से दक्षिण में डेरा डाले हुए हैं।

और सीट भी हैं खतरें में
दरअसल बसपा पश्चिम की कई सीटों पर समीक्षा कर रही है। मेरठ जिले की सीटों पर भी समीक्षा इन दिनों बारीकी से हो रही है। मेरठ सीट पर कुंवर दिलशाद के कामों का भी मूल्यांकन हो रहा है। ऐसे में इस बात से इनकार नहीं किया जा सकता है कि आने वाले दिनों में कुछ और प्रत्याशियों पर गाज गिर सकती है।
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