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यूपी: कायदे-कानून ताक पर, मठाधीश बन गए हैं सिपाही, सात एसपी सिटी बदले, गनर वहीं तैनात

Tue, 22 Dec 2020 12:37 PM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ

सार

- सीओ सिविल लाइन के ऑफिस में आठ साल से तैनात है सिपाही, तीसरी बार है पोस्टिंग
- अधिकारियों ने ऐसे 32 सिपाहियों की रिपोर्ट मांगी
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UP Police - फोटो : iStock
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विस्तार
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मेरठ में ऑफिसों में तैनात पुलिसकर्मियों ने कायदे-कानून ताक पर रखे हुए हैं। जिले में कई एसपी बदले लेकिन सिपाहियों व गनर का ड्यूटी प्वाइंट नहीं बदला। अधिकारियों द्वारा ऐसे सिपाहियों को लेकर रिपोर्ट मांगी गई है जो पिछले तीन साल से अधिक समय से एक ही कार्यालय में जमे हुए हैं। इनमें कई सिपाही तो ऐसे हैं जो आठ साल से एक ही स्थान पर हैं और उनकी री-पोस्टिंग ही नहीं, बल्कि तीसरी बार पोस्टिंग है।
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सीओ ब्रह्मपुरी के ऑफिस में एक हेड कांस्टेबल पिछले नौ साल से तैनात हैं। सीओ सिविल लाइन के कार्यालय में एक सिपाही पिछले आठ साल से अधिक से तैनात है। इस सिपाही की तीसरी बार इसी ऑफिस में पोस्टिंग है। दो बार दूसरी जगह ट्रांसफर हुआ लेकिन कुछ दिन बाद फिर यही अपना ट्रांसफर करा लिया।

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सिपाही को लेकर पूर्व में भी आरोप लगते रहे हैं। सीओ दौराला के ऑफिस में एक सिपाही पिछले पांच साल से तैनात है, जबकि मवाना सीओ ऑफिस में एक सिपाही लंबे समय से संबद्ध चल रहा है। सदर देहात सीओ ऑफिस में भी एक पुलिसकर्मी चार साल से तैनात है।

वहीं एसएसपी कार्यालय के रीडर ऑफिस में एक सिपाही चार साल के अधिक समय से यहां तैनात है। पुलिस ऑफिस की अन्य शाखाओं में सात अन्य ऐसे पुलिसकर्मी हैं जिनका तीन साल का कार्यकाल ऑफिस में पूरा हो चुका है।

सात एसपी सिटी बदले, गनर वहीa तैनात
2011 में बीपी अशोक एसपी सिटी रहे। जब से अब तक सात एसपी सिटी बदल चुके हैं। और अखिलेश नारायण सिंह आठवें सिटी हैं। लेकिन 10 साल से गनर दिनेश कुमार आज भी एक ही अफसर के यहां तैनात है। एसपी सिटी के दूसरे गनर सुबोध कुमार को छह साल हो गए हैं।

ट्रैफिक में भी यही हाल
ट्रैफिक कार्यालय में एक सब इंस्पेक्टर छह साल तक यहां टीएसआई रहे। उसके बाद प्रमोशन हुआ तो इंस्पेक्टर बन गए। साढ़े सात साल का यहां समय हो चुका है। ट्रांसफर होने के बाद भी उच्च अधिकारियों द्वारा इन्हें रिलीव नहीं किया गया। इनके अलावा एक अन्य ट्रैफिक इंस्पेक्टर का भी कार्यकाल पूरा हो चुका है।
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