मेरठ समोली गांव के एक परिवार ने गुरुवार को एसएसपी ऑफिस पहुंचकर शिकायती पत्र दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि दौराला थाना पुलिस ने चोरी की वारदात न कबूलने पर उनके बेटे से मारपीट की। देर रात हालत बिगड़ने पर युवक को परिजनों के हवाले कर दिया। पीड़ित पक्ष ने आरोपी पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की मांग की है।
पीड़ित मुनेश ने बताया कि 29 मई की सुबह दौराला थाने की पुलिस उनके घर पहुंची। सिपाही ने उसके बेटे रोनी को पकड़ लिया और स्कूटी चोरी का आरोप लगाते हुए गाड़ी में डालकर थाने ले गए। कुछ देर बाद वह थाने पहुंचे तो उन्हें बेटे रोनी से नहीं मिलने दिया गया।
आरोप है कि पुलिस ने रोनी से मारपीट की। हालत बिगड़ने पर देर रात करीब 12 बजे उनके बेटे को पुलिस ने छोड़ दिया। रोनी जब घर आया तो उसके शरीर पर कई जगह मारपीट के निशान थे। आरोप है कि अगली सुबह वह शिकायत करने थाने पहुंचे तो उन्हें भगा दिया गया।
मुनेश ने बताया कि थाने के दो सिपाही उनके घर के पास किसी से मिलने आते हैं। उन लोगों से उनकी बोलचाल नहीं है। आरोप है कि उनके ही इशारे पर मारपीट की गई है।
पीड़ित परिवार ने बताया कि 28 मई को दोपहर एक बजे स्कूटी चोरी होना पुलिस ने बताया था, जबकि रोनी शाम चार बजे परीक्षितगढ़ निवासी मामा के यहां से परिवार के साथ लौटा था। इसका प्रमाण उनके पास है। पीड़ित परिवार ने न्याय की गुहार लगाई है। इस संबंध में विनीत भटनागर ने कहा कि यदि पीड़ित परिवार के साथ गलत हुआ है तो कार्रवाई की जाएगी।