एक आईएमईआई नंबर पर देशभर में 13,357 मोबाइल चलने के मामले में मेरठ पुलिस ने चीन की वीवो कंपनी को क्लीन चिट दे दी है। पुलिस ने जांच में कंपनी या इसके सर्विस सेंटर की कोई कमी नहीं मानी। मुकदमे के समय देश की सुरक्षा से जोड़कर देखे गए इस मामले में फाइनल रिपोर्ट लगा दी गई है।
पुलिस के अनुसार, एक जून 2020 को मेरठ जोन एडीजी कार्यालय में तैनात सब इंस्पेक्टर आशाराम ने वीवो कंपनी के सर्विस सेंटर व उसके कर्मचारी के खिलाफ मेडिकल थाने में एक मुकदमा दर्ज कराया था। वीवो कंपनी का मोबाइल सर्विस सेंटर पर ठीक होने के लिए दिया।
बाद में पता चला कि सर्विस सेंटर में उनका आईएमईआई नंबर बदल दिया गया है। क्राइम सेल ने इस केस की जांच की। पाया कि आशाराम के मोबाइल में जो आईएमईआई है, ठीक उसी आईएमईआई के 13,357 मोबाइल हैं। आईटी एक्ट की धारा होने पर मुकदमे की विवेचना नौचंदी थाने के इंस्पेक्टर आशुतोष कुमार को दी गई। 25 दिन पहले इस मुकदमे में फाइनल रिपोर्ट लगाते हुए फाइल कोर्ट को भेज दी गई है।
इंस्पेक्टर आशुतोष कुमार इस समय कोतवाली इंस्पेक्टर हैं। इंस्पेक्टर ने बताया कि वह आईएमईआई सर्विस सेंटर पर मोबाइल ठीक करते वक्त तकनीकी कारणों से बदल रही थी। कंपनी की कोई कमी नहीं पाई गई है। न ही अपराध होना पाया गया। उस समय एडीजी के निर्देश पर ही केस दर्ज हुआ था। जिसमे पुलिस ने मुकदमा दर्ज होने के बाद पेन इंडिया सर्किल को पत्र भेजकर कहा कि ऐसे मोबाइलों को नेटवर्क न दिए जाएं।