ये बदमाश यहीं तक भी नहीं रुके। इसके बाद उन्होंने अपराह्नन तीन बजे बाईपास पर स्थित सुभारती विवि के कर्मचारी अनिल कुमार से भी मोबाइल लूट लिया। इसके बाद रेस्टोरेंट के पास ही बाइक सवार अनुज कुमार से नकदी भरा पर्स लूट लिया। शाम पांच बजे बदमाशों ने इससे भी बड़ी वारदात कर दी। इस बार उन्होंने रेस्टोरेंट संचालक जगदीश कुमार से नकदी के साथ ही जेवरात लूट लिए। इस घटना के बाद ही पुलिस टीमें हरकत में आईं।
जगदीश ने बताया कि वह बार-बार चिल्लाते रहे कि बदमाश को पकड़ाे, मगर टीपी नगर और परतापुर थाने की पुलिस सीमा विवाद में उलझी रही। सीओ ब्रह्मपुरी के पहुंचने के बाद ही पुलिस ने बदमाशों की तलाश शुरू की और हाईवे पर लगे सीसीटीवी कैमरे देखने शुरू किए। फुटेज देखकर पुलिस ने दावा किया कि वह हाईवे से दिल्ली नहीं गए, बल्कि वह शहर में घुसे हैं। बदमाश पल्सर बाइक पर सवार थे।
कार का निकला बाइक वाला नंबर
बदमाशों की बाइक का दिल्ली वाला नंबर लिखा था। जांच की गई तो पता चला कि बाइक पर सेंट्रो कार का नंबर डाला गया था। आशंका है कि यह बाइक भी चोरी की है।
शनिवार को बदमाशों के फिर से क्षेत्र में सक्रिय होने की सूचना पर पुलिस ने बदमाशों को परतापुर थानाक्षेत्र में घर लिया। पुलिस को देखकर आरोपियों ने फायरिंग करते हुए भागने की कोशिश की। जवाबी फायरिंग में एक बदमाश के पैर में पुलिस की गोली लगी है, जबकि उसका साथ फरार होने में कामयाब हो गया। पुलिस ने घायल बदमाश को गिरफ्तार कर लिया। उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया जहां उससे पूछताछ की जा रही है।