एसपी सिटी ने बताया कि पुलिस को पता चला कि बाकर के सुपुर्द-ए-खाक में सलीम नहीं पहुंचा था। जिसके बाद पुलिस ने सलीम की तलाश की, लेकिन उसका सुराग नहीं लगा। मुखबिर की सूचना पर सलीम के दो साथी छोटा सलीम और सद्दाम निवासी श्यामनगर को पकड़ा और पूछताछ की।
दोनों आरोपियों ने सलीम को उसके घर में होने की बात ही। ब्रह्मपुरी पुलिस ने दोनों आरोपियों को साथ लेकर श्यामनगर में दबिश दी। जहां पर सलीम अपने घर के एक कमरे में बंधक मिला। उसको परिजनों ने जंजीर से बांधा हुआ था। पुलिस ने उसको मुक्त कराकर कब्जे में लिया।
बाकर ने मांगे थे 4 हजार
पुलिस के मुताबिक सलीम ने दोस्त बाकर की बकरी चोरी कर 15 सौ रुपये में बेच दी थी। बाकर को जब इसका पता चला तो वह बकरी के चार हजार रुपये सलीम से मांगने लगा, लेकिन वह पैसा देने को तैयार नहीं था। जिसके बाद उसने दोस्त बाकर की हत्या कर दी, यह बात सलीम ने परिजनों को बताई।
परिजनों का शक था कि सलीम शराब पीकर हत्या की पोल खोल देगा। इसको देखते सलीम को घर में जंजीरों से बांधा गया। गिरफ्तार करने के बाद पुलिस ने जंजीर से खोलकर उसे अपनी हथकड़ी पहना दी।
पुलिस पूछताछ में तीनों आरोपियों ने बताया कि 28 अक्टूबर को वह बाकर से मिले। जहूर की यहां पर चाय पीकर माधवपुरम चले गए। माधवपुरम में तीनों दोस्त सलीम, छोटा सलीम व सद्दाम ने बाकर को शराब पिलाई और उसकी हत्या कर दी। सद्दाम साइकिल लाया था। तीनों ने बाकर के शव को बोरे में बंद किया और साइकिल पर रखकर खत्ता रोड पर ले आए। जहां उसको कब्रिस्तान के बगल में सड़क किनारे नाले में फेंक दिया।
सद्दाम ने दिया धक्का, फिर काट दी गर्दन
प्रेसवार्ता में आरोपी सद्दाम ने बताया है कि बाकर उनसे बकरी के पैसे मांग रहा था, और उनके साथ गाली-गलौज कर रहा था। तीनों ने उसको समझाया, लेकिन वह मानने को तैयार नहीं हुआ तो सद्दाम ने उसे धक्का दे दिया जिससे बाकर गिर गया। इसके बाद सलीम व छोटा सलीम ने मीट काटने वाले गुबदा व छुरी से बाकर की गर्दन काट दी और उसकी पहचान छुपाने के लिए उसका चेहरा ईंट से कुचल दिया।
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