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नौकरी के नाम पर करोड़ों की ठगी, लखनऊ में लेते थे फर्जी इंटरव्यू, पुलिसवालों के बच्चे भी फंसे

Sun, 03 Nov 2019 11:54 AM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
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job fraud - फोटो : अमर उजाला
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मेरठ में वीआईपी गैंग द्वारा 150 बेरोजगारों से 10 करोड़ से ज्यादा की ठगी के मामले में कई चौंकाने वाली बातें सामने आई हैं। पुलिस के मुताबिक, पकड़े गए आरोपियों के मोबाइल में वीआईपी कार्यक्रम की कई वीडियो मिली हैं।
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मनोज पासवान को पैसा पहुंचना बताया। कोचिंग सेंटर में भी वीआईपी कार्यक्रम की वीडियो दिखाकर उन्हें भ्रमित किया जाता था। युवकों को यकीन हो जाता था कि भाजपा के इतने बडे़े नेताओं से उनकी अच्छी जान पहचान है। 

करीब 150 बेरोजगार युवकों से इस गिरोह के सदस्यों ने पैसा लेना कबूल किया है। अब तक 9.75 करोड़ रुपये से ज्यादा की ठगी कर चुका है। गिरोह के कई नेताओं से गहरे संबंध हैं। शिकायत मिलने पर कंकरखेड़ा थाना पुलिस और साइबर सेल जांच में जुट गई है। जिसके बाद ये दो आरोपी दबोचे गए हैं। 

पुलिस वालों की संतान भी फंसी 
आरोपियों ने बताया कि कई पुलिस वालों के बेटे बेरोजगार हैं। जिन्होंने गिरोह को 6.50 लाख रुपये देकर रेलवे में सरकारी नौकरी की बात कर रखी है।
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गिरोह में करीब 15 लोग शामिल हैं। लखनऊ और दिल्ली में उनके ऑफिस खुले हैं। जहां पर अभ्यर्थी को साक्षात्कार के लिए भेजा जाता है। दिल्ली और लखनऊ से ही पूरे पश्चिमी उत्तर प्रदेश में जाल फैलाया जाता है।

मनोज पासवान की घेराबंदी की तैयारी 
आरोपियों ने पूछताछ में मनोज पासवान का नाम बताया है। पुलिस की एक टीम मनोज पासवान का रिकॉर्ड खंगालने में जुटी है। 
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