योगेंद्र यादव ने प्रदेश और केंद्र सरकार पर हमला करते हुए पांच आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि गन्ना मूल्य नहीं बढ़ा, फसल बीमा के नाम पर फरेब किया, दाना दाना खरीदने का वादे पर खरीद नहीं हुई, कर्जमाफी के नाम ढोंग किया और लोगों को धर्म के नाम पर बांट दिया। उन्होंने कहा कि सौ सुनार की अब किसानों ने एक लुहार की चोट मारी है।
आगामी 10 और 11 सितंबर को लखनऊ में तमाम किसान संगठन के पदाधिकारियों की एक अहम बैठक होगी, जिसमें प्रदेश स्तर और जिला स्तर पर संयुक्त मोर्चा बनाए जाने पर मुहर लगाई जाएगी। वही महापंचायत के दौरान संयुक्त मोर्चा के पदाधिकारियों में बलदेव सिंह राजेवाल, गुरनाम सिंह चड्डूनी, राकेश टिकैत समेत सभी पदाधिकारियों ने मंच से एलान किया कि यूपी मिशन की सोच के साथ महापंचायत की गई थी लेकिन अब यह पूरे देश का मिशन है।
किसान महापंचायत के दौरान संयुक्त किसान मोर्चा की तरफ से एलान कर दिया गया है कि तीनों कृषि कानूनों के खिलाफ चल रहे आंदोलन के तहत 27 सितंबर को भारत बंद किया जाएगा। इसके अलावा यह भी एलान किया गया कि अब संयुक्त किसान मोर्चा का गठन देश के प्रत्येक राज्य में और प्रत्येक जिले में भी किया जाएगा।
महापंचायत के मंच से टिकैत ने कहा कि यूपी की योगी सरकार सांप्रदायिक दंगा कराने वाली सरकार है। भाजपा तोड़ने का काम करती है और हम जोड़ने का काम करते हैं। इसी धरती से अल्लाह-हू-अकबर और हर हर महादेव के नारे लगते रहे हैं और लगते रहेंगे। इसी के साथ टिकैत ने वहां मौजूद लोगों से नारे भी लगवाए।
मंच से टिकैत ने कहा कि मोदी-योगी की सरकार झूठी है। किसानों की आय दोगुनी नहीं हुई। किसानों को गन्ने का भाव 430 रुपये प्रति कुंतल नहीं मिला। अब जब तक मांग पूरी नहीं होगी दिल्ली में आंदोलन जारी रहेगा। पूरे देश में संयुक्त मोर्चा आंदोलन करेगा। जब तक यह आंदोलन सफल नहीं होगा तबतक घर वापस नहीं लौटूंगा।
भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने कहा कि अब यह मिशन यूपी नहीं अब मिशन भारत है। हमें भारत के संविधान को बचाना है। मोदी सरकार और योगी सरकार बिजली, एयरपोर्ट सब कुछ बेचने की तैयारी कर रहे हैं।
महापंचायत में पहुंचीं मेधा पाटेकर ने कहा कि हमें वोट पर चोट करनी होगी। मोदी ने नोटबंदी की थी कि हमें वोटबंदी करके मोदी योगी को हराना है।
महापंचायत के दौरान कुछ किसानों ने माहौल बिगाड़ने का प्रयास किया तो राकेश टिकैत ने माइक लेकर लोगों को तीखे तेवर के साथ समझाया और शांति बनाए रखने की अपील की।
महावीर चौक के पास जीआईसी ग्राउंड के बाहर एक न्यूज चैनल की महिला न्यूज एंकर के साथ भीड़ ने की जमकर अभद्रता की। कुछ लोगों ने बमुश्किल भीड़ से बचाकर महिला न्यूज एंकर को एक कार्यालय में पहुंचाया, जहां से पुलिस ने सुरक्षा के बीच उन्हें बाहर निकाला। बाद में महिला न्यूज एंकर बिना कवरेज किए वापस चली गईं।
मुजफ्फरनगर में महापंचायत पर कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने कहा कि किसान इस देश की आवाज हैं। किसान देश का गौरव हैं। किसानों की हुंकार के सामने किसी भी सत्ता का अहंकार नहीं चलता। खेती-किसानी को बचाने और अपनी मेहनत का हक मांगने की लड़ाई में पूरा देश किसानों के साथ है।
महापंचायत से किसान मोर्चा ने बड़ा एलान करते हुए बताया कि 25 सितंबर को भारत बंद का एलान किया था लेकिन किन्हीं कारणों से अब इसकी तारीख बदल दी गई है। अब 27 सितंबर को भारत बंद किया जाएगा। पंचायत से हर जिले में संयुक्त मोर्चा बनाने का भी एलान किया गया।
भाजपा सांसद वरूण गांधी ने किसानों का समर्थन किया है। उन्होंने किसानों का दर्द समझने की अपील की है। उन्होंने ट्वीट किया कि, मुजफ्फरनगर में आज लाखों किसान धरना प्रदर्शन में जुटे हैं, वे हमारा ही खून हैं। हमें उनके साथ सम्मानजनक तरीके से फिर से जुड़ने की जरूरत है। उनके दर्द समझें, उनका नजरिया देखें और जमीन तक पहुंचने के लिए उनके साथ काम करें।
किसान महापंचायत में महिलाओं की बढ़चढ़कर भागीदारी नजर आ रही है। हरियाणा राज्य से काफी संख्या में महिलाएं किसान दलों के साथ पंचायत स्थल पर पहुंची है। बता दें कि कर्नाटक के भी कई किसान दल महापंचायत में शामिल होने पहुंचे हैं।
मुजफ्फरनगर में हो रही महापंचायत के मंच पर किसान नेता गुरनाम सिंह चढूनी, योगेंद्र यादव पहुंचे चुके हैं। इसके अलावा मेधा पाटेकर भी मंच पर मौजूद है।
भाकियू के राष्ट्रीय अध्यक्ष नरेश टिकैत भी महापंचायत के मंच पर पहुंच चुके हैं। बता दें कि आज महापंचायत के मंच से टिकैत परिवार एकसाथ हुंकार भर रहा है। महापंचायत का अध्यक्ष गठवाला खाप के थांबेदार बाबा श्याम सिंह को बनाया गया है। किसान आंदोलनों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने वाली गठवाला खाप एक बार फिर ताकत दिखाने जा रही है। भाकियू नेता ओमपाल मलिक ने कहा कि गठवाला हमेशा की तरह सबसे खास भूमिका निभाएगा, सबसे बड़ी भागीदारी गठवाला की होगी।
मुजफ्फरनगर महापंचायत में शिरकत करने के लिए भाकियू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत पहुंच गए हैं। महापंचायत में किसानों का हुजूम उमड़ पड़ा है।
किसान महापंचायत में शामिल होने वाले युवा किसान सोशल मीडिया पर महापंचायत की तस्वीरें व वीडियो शेयर कर रहे हैं। वहीं ट्विटर पर हैशटैग किसान महापंचायत ट्रेंड कर रहा है।
भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने बिल वापसी नहीं, तो घर वापसी नहीं का प्रण लिया था, जिसके बाद राकेश टिकैत आज पहली बार अपने गृह जनपद पहुंचे हैं। खास बात यह भी है कि ऐसा पहली बार होगा कि जब टिकैत परिवार एक साथ महापंचायत के मंच पर नजर आएगा। हालांकि भारतीय किसान यूनियन के नेता धर्मेंद्र मलिक ने बताया कि राकेश टिकैत घर नहीं जाएंगे, यहां पंचायत के बाद गाजीपुर बॉर्डर पर लौट जाएंगे।
हरियाणा के हिसार जनपद के गांव पावड़ा के ग्रामीण महात्मा गांधी, सुभाष चंद्र बोस, चंद्रशेखर आजाद और सरदार भगत सिंह बनकर किसान महापंचायत में पहुंचे हैं। लोग इन किसानों के साथ सेल्फी लेने के लिए उत्साहित दिखे।
गौरतलब है कि लंबे समय बाद सरकार के खिलाफ किसानों में ऐसा गुस्सा देखने को मिला है। महापंचायत में किसान, मजदूर, कर्मचारी, छात्र व महिलाएं भी बढ़-चढ़कर शामिल होने पहुंच रहे हैं। पंचायत में पहुंची महिलाओं ने कहा कि हमें अगली पीढ़ी को जवाब देना है। ये किसानों के हक की लड़ाई है जिसे वे जीतकर रहेंगे।
उधर, रालोद के किसान महापंचायत को समर्थन देने के बाद बागपत में समाजवादी पार्टी कार्यकर्ताओं ने भी किसान महापंचायत को समर्थन देने का निर्णय लिया है। सपा कार्यकर्ता भी पंचायत स्थल के लिए रवाना हो गए हैं।
बॉर्डर पर कड़ी सुरक्षा के इंतजाम
जिले के बॉर्डर पर सुरक्षा के मद्देनजर सरधना, मवाना, किठौर, सीओ सदर देहात पुलिस फोर्स के साथ लगाए हैं। वहीं, एसपी सिटी, सीओ ब्रह्मपुरी व सीओ दौराला को परतापुर व दौराला टोल प्लाजा पर तैनात किया गया है। 14 इंस्पेक्टर, 35 दरोगा, 31 महिला कांस्टेबल, 30 पुलिसकर्मी ट्रैफिक पुलिस, 30 होमगार्ड, 133 कांस्टेबल व एक कंपनी पीएसी को तैनात किया जाएगा।