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Meerut: नगर निगम में कुर्सी की जंग, दो अधिकारियों में टकराव, ताला बंद मिला तो बाहर दफ्तर लगा बैठ गए लेखाधिकारी

Fri, 19 Jun 2026 11:51 AM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ

सार

मेरठ नगर निगम में मुख्य वित्त एवं लेखाधिकारी की खाली कुर्सी को लेकर दो अधिकारियों के बीच विवाद बढ़ गया। दफ्तर पर ताला मिलने से नाराज लेखाधिकारी ने कार्यालय के बाहर ही मेज-कुर्सी लगाकर बैठना शुरू कर दिया, जिसके बाद निगम में हाई वोल्टेज ड्रामा देखने को मिला।
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लेखा अधिकारी - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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मेरठ नगर निगम इन दिनों विकास कार्यों से ज्यादा अधिकारियों के बीच चल रही कुर्सी की जंग को लेकर चर्चा में है। मुख्य वित्त एवं लेखाधिकारी के रिक्त पद पर अधिकार को लेकर दो अधिकारियों के बीच पिछले पांच दिनों से खींचतान जारी है। बृहस्पतिवार को यह विवाद उस समय खुलकर सामने आ गया जब लेखाधिकारी को संबंधित कार्यालय बंद मिला और उन्होंने विरोध स्वरूप कार्यालय के बाहर ही मेज-कुर्सी लगाकर बैठना शुरू कर दिया।

खाली कुर्सी पर शुरू हुई रस्साकशी

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नगर निगम में मुख्य वित्त एवं लेखाधिकारी का पद 31 मई से रिक्त है। इस पद पर अधिकार को लेकर विवाद तब शुरू हुआ जब लेखाधिकारी कृष्ण बिहारी पाठक ने पिछले सप्ताह रिक्त कार्यालय में बैठना शुरू कर दिया। इसके बाद नगर आयुक्त सौरभ गंगवार के निर्देश पर अपर नगर आयुक्त पंकज कुमार को लेखा विभाग का वरिष्ठ प्रभारी नियुक्त किया गया और उनके नाम की पट्टिका भी कार्यालय के बाहर लगा दी गई।

हालांकि नाम पट्टिका लगने के बाद भी लेखाधिकारी कृष्ण बिहारी पाठक उस कार्यालय में बैठते रहे, जिससे विवाद लगातार बढ़ता गया।

ताला लगा मिला दफ्तर, बाहर ही लगा लिया कार्यालय
बृहस्पतिवार को विवाद उस समय चरम पर पहुंच गया जब लेखा विभाग के कर्मचारियों ने मुख्य वित्त एवं लेखाधिकारी के कक्ष पर नया ताला लगा दिया। दोपहर में कार्यालय पहुंचे लेखाधिकारी कृष्ण बिहारी पाठक ने ताला खुलवाने का प्रयास किया, लेकिन कर्मचारियों ने बताया कि चाबी अपर नगर आयुक्त के पास है।

इससे नाराज होकर लेखाधिकारी ने गलियारे में ही मेज और कुर्सी मंगवाई तथा वहीं बैठ गए। एक वरिष्ठ अधिकारी को कार्यालय के बाहर इस तरह बैठा देखकर निगम परिसर में कर्मचारियों और अन्य लोगों की भीड़ जुट गई। पूरे घटनाक्रम को लेकर निगम में चर्चाओं का दौर शुरू हो गया। 

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कर्मचारियों के समझाने पर शांत हुआ मामला
करीब आधे घंटे तक चले घटनाक्रम के बाद लेखाधिकारी अपने मूल कार्यालय में चले गए। इसके बाद लेखा विभाग के कर्मचारियों ने उनसे बातचीत कर विवाद को और न बढ़ाने की सलाह दी। इस दौरान लेखाधिकारी ने अपनी नाराजगी जताते हुए कहा कि लेखा विभाग का मुख्य दायित्व नियमानुसार उन्हें ही मिलना चाहिए और वर्तमान स्थिति उचित नहीं है।

अपर नगर आयुक्त ने क्या कहा
अपर नगर आयुक्त पंकज कुमार ने पूरे मामले पर कहा कि कार्यालय कक्ष को लेकर कोई विवाद नहीं है। नगर निगम में कक्ष आवंटन की व्यवस्था पूरी तरह स्पष्ट है और इसका अधिकार केवल नगर आयुक्त के पास है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में सभी अधिकारियों को उनके कक्ष आवंटित हैं तथा भविष्य में किसी भी प्रकार का नया आवंटन या बदलाव केवल नगर आयुक्त के लिखित आदेश के आधार पर ही किया जाएगा।

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