गुरुवार की सुबह छात्र नेता अक्षय बैंसला साथियों के साथ हॉस्टल से घूमने निकले तो सेल्फी प्वाइंट पर पत्थरों से ‘जाट’ लिखा देखा। उन्होंने इसकी जानकारी चीफ प्रॉक्टर प्रो. बीरपाल सिंह और कुलपति प्रो. संगीता शुक्ला को दी। इस पर कुलसचिव मौके पर पहुंचे।
वहीं, चीफ प्रॉक्टर प्रो. बीरपाल के आदेश पर मुख्य अभियंता मनीष मिश्रा ने ठेका कर्मियों को मौके पर भेजा। वह सेल्फी प्वाइंट की कृतिम घास और पत्थर उखाड़कर ले गए। सेल्फी प्वाइंट की दीवार फिलहाल खाली छोड़ दी गई है। यदि भविष्य में कुछ अंकित किया गया तो कोई ज्ञानवर्धक स्लोगन होगा।
सुरक्षा पर हर माह खर्च होते हैं 55 लाख रुपये
इस घटना के बाद विवि की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर कई गंभीर मामले खड़े हो गए हैं। जानकारों का कहना है कि जिस तरह से ‘आई लव इंडिया’ को हटाकर जाट लिखा गया है, वह 10-20 मिनट का मामला नहीं बल्कि तीन से चार घंटे का है। यानी शरारती तत्व अपने मंसूबों को अंजाम देते रहे और सुरक्षा कर्मियों को इसकी भनक तक नहीं लगी। यह हालात तब है जबकि विवि प्रशासन 157 सुरक्षा कर्मियों पर 55 लाख रुपये प्रतिमाह खर्च कर रहा है।
इतिहास विभाग के सामने हुआ झगड़ा
सीसीएसयू के इतिहास विभाग में गुरुवार की दोपहर में रफ्तार से दौड़ रही बाइक की टक्कर लगने से छात्रों के बीच में मारपीट हो गई। इसकी सूचना मिलते ही प्रॉक्टर प्रो. डीके सिंह मौके पर पहुंचे तब तक छात्र भाग गए।