एनसीआरटीसी के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी पुनीत वत्स ने बताया कि बीते सप्ताह रेल मंत्रालय ने आरआरटीएस रोलिंग स्टॉक को मंजूरी दे दी थी। इसका डिजाइन 180 किमी प्रति घंटा की रफ्तार के लिए किया गया है, हालांकि ट्रेनों की गति 160 किमी प्रति घंटा रहेगी।
उन्होंने बताया कि सीएमआरएस की मंजूरी के साथ रीजनल रैपिडएक्स ट्रांसपोर्ट सिस्टम का प्राथमिकता वाला दुहाई से साहिबाबाद के बीच का यह खंड देश की ऐसी पहली रेलवे प्रणाली बन गया है, जिसे 160 किमी प्रतिघंटा की रफ्तार के लिए खोला जाएगा। रैपिडएक्स के इस कॉरिडोर को बीते एक साल के दौरान कई एजेंसियों ने अलग-अलग तय मानकों पर परखा है। परीक्षण में सफल होने के बाद इसे रेल मंत्रालय और सीएमआरएस से मंजूरी मिली है।
रैपिड रेल के छह कोच के चार ट्रेनसेट
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2019 में शुरू हुआ था निर्माण
एनसीआरटीसी की इस परियोजना का निर्माण जून 2019 में शुरू हुआ था। महज चार साल में एनसीआरटीसी अब रैपिडएक्स सेवाओं का परिचालन शुरू करने के लिए तैयार हो गया है। कोविड-19 के संक्रमण कॉल और लॉकडाउन के असर के बावजूद एनसीआरटीसी ने परियोजना को शुरू करने का लक्ष्य परिवर्तित नहीं किया।
एनसीआरटीसी के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी पुनीत वत्स का कहना है कि यात्रियों को पूर्व निर्धारित समय पर सफर करने का मौका मिलेगा। उन्होंने बताया कि परियोजना के बाकी हिस्से का निर्माण भी तेजी से किया जा रहा है। जून 2025 में निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरे कॉरिडोर पर ट्रेनों का परिचालन शुरू हो जाएगा।