पहले चरण के 17.2 किमी. मार्ग पर फरवरी में कराए गए ट्रायल रन के सफल होने के बाद अब इस रेल खंड पर रैपिड रेल की नियमित परिचालन शुरू करने की तैयारी चल रही है। इसके लिए दुहाई यार्ड में रैपिड रेल कॉरिडोर के ऑपरेशन एंड कमांड कंट्रोल सेंटर के निर्माण का काम भी अंमित चरण में है। पूरे रूट पर चलने वाली सभी रैपिड ट्रेनों का संचालन और नियंत्रण संचालन इसी केंद्र से किया जाएगा।
180 किमी की रफ्तार से दौड़ेगी
पहले चरण के रैपिड रेल मार्ग पर पांच स्टेशन होंगे। इनमें साहिबाबाद, गाजियाबाद, गुलधर और दुहाई शामिल हैं । इस रेल मार्ग पर रैपिड रेल 180 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलेगी, जो देश की सबसे तेज गति से चलने वाली ट्रेन होगी। योजना के मुताबिक दिल्ली से मेरठ के रूट पर कुल 30 रैपिड रेल चलाने की योजना है, लेकिन फिलहाल सिर्फ 13 ट्रेनों का परिचालन किया जाएगा।
2025 तक पूरा होगा काम
दिल्ली से मेरठ तक बन रही आरआरटीएस का काम दिसंबर 2025 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
ट्रायल का काम पूरा हो चुका है। रेलवे ट्रैक की सुरक्षा जांचने के लिए रेल संरक्षा आयुक्त कार्यालय को सूचना भेज दी गई है । वहां के अधिकारी रेलवे ट्रैक का निरीक्षण करके जल्द ही अपनी रिपोर्ट देंगे। उनकी एनओसी मिलने के बाद रैपिड रेल का कामर्शियल रन शुरू कर दिया जाएगा । - नितिन रमेश गोकर्ण, प्रमुख सचिव आवास एवं नियोजन उप्र