पाकिस्तान में बैठे संचालकों से संपर्क की जांच
खुफिया सूत्रों के अनुसार गिरफ्तार आरोपी का संपर्क पाकिस्तान में बैठे कुछ संदिग्ध व्यक्तियों से होने की आशंका है। जांच एजेंसियां इस बात की पड़ताल कर रही हैं कि सोशल मीडिया मंचों के माध्यम से किस प्रकार संपर्क स्थापित किए गए और आरोपी को कौन-कौन से निर्देश दिए जा रहे थे। मामले में इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों और डिजिटल साक्ष्यों की भी जांच की जा रही है।
पुलिसकर्मियों की निगरानी का आरोप
विशेष शाखा के अनुसार मॉड्यूल से जुड़े लोगों पर पुलिसकर्मियों की गतिविधियों पर नजर रखने और उनके वीडियो बनाकर आगे भेजने का आरोप है। जांच एजेंसियों का मानना है कि इस तरह की गतिविधियों के माध्यम से सुरक्षा व्यवस्था को प्रभावित करने और युवाओं को भड़काने की कोशिश की जा रही थी।
मेरठ कनेक्शन की भी हो रही पड़ताल
जांच के दौरान यह भी सामने आया है कि पिछले कुछ समय में पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई युवाओं के नाम ऐसे मामलों में सामने आए हैं। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि क्या इन मामलों के बीच कोई आपसी संबंध है। वहीं कुछ समय पहले छावनी क्षेत्र में संदिग्ध ड्रोन दिखाई देने की घटनाओं के बाद सुरक्षा संबंधी मामलों को और गंभीरता से लिया जा रहा है।
स्थानीय पुलिस जुटा रही जानकारी
नगर पुलिस अधीक्षक विनायक गोपाल भोसले ने बताया कि कार्रवाई विशेष शाखा द्वारा की गई है। स्थानीय पुलिस भी आरोपी और उसके संपर्कों के संबंध में जानकारी एकत्र कर रही है। मामले में विभिन्न एजेंसियां समन्वय बनाकर जांच आगे बढ़ा रही हैं।