- मिले काउंसिलिंग के टिप्स
जेल प्रशासन ने काउंसलर्स को ट्रेनिंग भी दिलाई है। कौन सा बंदी किस अपराध में जेल में आया है? उसके अपराध करने के पीछे की वजह क्या रही? भविष्य की उसकी क्या योजना है? इन सब बातों को किस तरह से बंदियों के जहन से बाहर लाना है। काउंसलर अपने द्वारा काउंसलिंग किए गए हर बंदी का विवरण रजिस्टर में तैयार करता है। गंभीर मामलों में अफसरों तक मामले साझा होते हैं। एक चीफ काउंसलर तैनात किया गया है, जिसके अंतर्गत दर्जनभर से अधिक काउंसलर बनाए गए हैं।
बंदी को अवसाद व भ्रम की स्थिति से बाहर लाने के लिए यह व्यवस्था बनाई गई है। निश्चित तौर पर इसके बेहतर परिणाम सामने आएंगे।
- डॉ. बीडी पांडेय, वरिष्ठ जेल अधीक्षक
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