चार प्रदेशों के हैं मोबाइल
सूची में शामिल अधिकतर चिह्नित मोबाइल पश्चिम बंगाल, झारखंड और असम में इस्तेमाल किए गए हैं। इसके अलावा कुछ मोबाइल ऐसे भी हैं जो हरियाणा के नूंह जिले से ऑपरेट हुए थे। साइबर अपराध में नूंह जिले का नाम भी हमेशा सुर्खियों में रहता है।
पिछले एक साल में दर्ज हुए 3200 मुकदमे
जिले में एक साल के अंदर करीब 3200 केस दर्ज हुए हैं। हालांकि साइबर सेल की सतर्कता से करीब एक करोड़ रुपये की रकम को खातों में सीज भी कराया गया, जिसे साइबर अपराधी नहीं निकाल सके। इसमें कुछ रकम पीड़ितों को वापस मिल चुकी है। कुछ पीड़ितों को रकम वापस दिलाने की प्रक्रिया चल रही है।
इस तरह हुई ठगी
जिन मोबाइल को बंद कराने की तैयारी की जा रही है, उनसे अलग-अलग तरीके के साइबर अपराध किए गए हैं। जैसे सेक्सटोर्न, लिंक भेजकर ठगी करना, फेसबुक या इंस्टाग्राम आदि पर फर्जी फेसबुक आइडी बनाकर रकम ठगना और पाॅलिसी आदि के नाम पर ठगी करना आदि शामिल है।
अभी तक केवल सिम कार्ड बंद कराए जाते थे लेकिन पहली बार उस मोबाइल को भी बंद करा दिया जाएगा। जनवरी माह से लेकर अब तक हुई साइबर अपराध की घटनाओं में इस्तेमाल किए गए सिमकार्ड और करीब 650 मोबाइल बंद कराने की सूची मुख्यालय को भेज दी गई है। - एसके सक्सेना, साइबर सेल प्रभारी मेरठ।