मेरठ के गंगानगर स्थित आईआईएमटी विश्वविद्यालय में छात्रा अनु की मौत की जानकारी लगने पर उसके परिजन आनन-फानन मेरठ पहुंचे। अनु की बहन तनु ने बताया कि बुधवार सुबह नौ बजे अनु से बात हुई थी। उसने बताया कि वह अपनी असाइनमेंट की फाइल तैयार कर रही है।
उसके कुछ देर बाद ही दिल्ली से छोटी बहन शिवांगी ने कॉल किया तो रूममेट ने रिसीव किया। उसने बताया कि अनु का फोन रूम में है। इसी बीच रूममेट ने बताया कि दीदी कोई लड़की सीढ़ियों से गिर गई है। यह सुनकर बहन शिवांगी घबरा गई, उसने बड़ी बहन तनु को कॉल किया।
पुलिस ने बताया कि हॉस्टल में तीसरी मंजिल पर 63 नंबर कमरे में वह रहती थी। कमरे के बाहर व सीढ़ियों पर करीब चार फीट ऊंची ग्रिल लगी है। अनु की लंबाई करीब पांच फीट थी। थर्ड फ्लोर पर लगे सीसीटीवी फुटेज में दिख रहा है कि अनु ग्रिल के बीच में से निकलकर स्टेयरवेल में पहुंची और कुछ सेकेंड रुकी और छलांग लगा दी। इसी वजह से वह सीढ़ियों के बीचों बीच पड़ी मिली। अनु के चेहरे, कंधे और हाथ पर गंभीर चोट के निशान थे।
परिजनों ने लगाए आरोप
परिजनों ने कॉलेज प्रशासन पर जानकारी छिपाने का आरोप लगाया। उनका कहना है कि विवि प्रशासन से संपर्क करने पर उन्हें सही जानकारी नहीं मिली। शक होने पर वह मेरठ के लिए रवाना हो गए। जब वह मेरठ पहुंचने वाले थे तब उन्हें कॉल कर सूचना दी गई कि अनु अस्पताल में है।
फर्जी सुसाइड नोट लेकर पहुंची छात्रा
दिन भर पुलिस और विवि प्रशासन दोनों के पास सुसाइड नोट नहीं होने की जानकारी थी। लेकिन शाम को अचानक एक छात्रा विवि के गेट के बाहर पहुंची। उसने दावा किया कि अनु की मौत के बाद फर्जी सुसाइड लिखने की कोशिश की गई है। इसमें लिखा है कि उसके एक सहपाठी के पिता की मृत्यु हो गई है। मेरी मां भी मुझे छोड़कर चली गई। मेरा बैक पेपर आ गया है। इस वजह से मैं परेशान हूं। हालांकि यह नहीं बताया कि यह फर्जी सुसाइड नोट उसे कहां से मिला।
एक दिन पहले ही हॉस्टल छोड़कर लौटे थे परिजन
बड़ी बहन तनु के मुताबिक बीते 14 फरवरी को मां उषा गुप्ता की मृत्यु हो गई थी। इसके बाद से अनु घर ही थी। इसी दौरान उसके हाथ में चोट लगी। उसका ऑपरेशन कराया गया। अब कॉलेज की ओर से सूचना दी गई कि 21 मई से परीक्षा शुरू हैं। परिजन मंगलवार को अनु को हॉस्टल छोड़ने आए थे। परिजनों का कहना है कि हाजिरी कम होने के कारण उसे परीक्षा से रोकने की बात की गई थी लेकिन, उन्होंने विवि प्रशासन से बात कर उन्हें मना लिया था। इसके बाद वह वापस लौट गए थे।
विवि के गेट पर हंगामा
एमबीए छात्रा अनु गुप्ता की मौत को लेकर छात्र-छात्राओं ने हंगामा किया। छात्र धरने पर बैठ गए। आरोप है अनु को डिबार किया गया था। एचओडी, वार्डन द्वारा परेशान किया जा रहा था। धरने पर मेरठ कॉलेज, सीसीएसयू के छात्र नेता भी पहुंच गए। छात्र मौके पर बीसी को बुलाने की जिद पर अड़े रहे।
करीब चार घंटे धरने के बाद लिखित मांग पत्र दिया गया। इसमें कॉलेज प्रशासन द्वारा छात्रा अनु के परिजनों को 50 लाख रुपये सहायता राशि देने, आत्महत्या के लिए दोषी एचओडी, वार्डन पर कार्रवाई करने, फीस पर लगने वाला फाइन बंद करने के अलावा सभी विभागों के डिबार छात्रों को तत्काल बहाल करने की बात प्रमुखता से शामिल है।
वहीं, थाना गंगानगर, भावनपुर, इंचौली पुलिस के अलावा सीओ सदर देहात सुधीर सिंह, प्रशिक्षु आईपीएस बजरंग प्रसाद मौके पर पहुंच गए। देर शाम तक हंगामा होता रहा। इस बीच एलआईयू टीम की महिला कांस्टेबल के साथ छात्राओं ने अभद्रता की। पुलिस ने उन्हें किसी तरह बचाया।
डॉ. सरोजनी नायडू गर्ल्स हॉस्टल में रहकर शिक्षा ग्रहण कर रही एमबीए अंतिम वर्ष की छात्रा अनु गुप्ता निवासी सहारनपुर की बुधवार सुबह हॉस्टल की बिल्डिंग से गिर कर मृत्यु हो गई। पुलिस जांच में विश्वविद्यालय की ओर से पूर्ण सहयोग किया जा रहा है। -डॉ. बीपी राकेश, कुलसचिव।
सीढ़ियों के नीचे मिला एमबीए छात्रा का शव
मेरठ के गंगानगर स्थित एक निजी विश्वविद्यालय के गर्ल्स हॉस्टल में बुधवार सुबह एमबीए की छात्रा अनु गुप्ता (23) का शव सीढ़ियों के नीचे मिला। परिजनों का आरोप है कि उसे परीक्षा देने से रोका जा रहा था। घटना को लेकर गुस्साए छात्रों ने हंगामा कर नारेबाजी की और विरोध में धरने पर बैठ गए। देर रात विवि प्रशासन पर आत्महत्या के लिए उकसाने की रिपोर्ट दर्ज कर ली गई।
सहारनपुर जिले के देवबंद तहसील स्थित ताजपुर गांव निवासी ओमकार गुप्ता की छोटी बेटी अनु आईआईएमटी में एमबीए अंतिम वर्ष की छात्रा थी। अनु सुबह करीब 9:30 बजे विवि परिसर स्थित सरोजनी नायडू गर्ल्स हॉस्टल में लहुलुहान हालत में पड़ी थी। उसे आईआईएमटी लाइफलाइन हॉस्पिटल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।
पुलिस अधीक्षक देहात अभिजीत कुमार, गंगानगर थाना पुलिस फोरेंसिक टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच की। दोपहर 1:30 बजे विवि पहुंचे परिजनों ने अनु की हत्या का आरोप लगाया। बड़ी बहन तनु ने बताया कि वह तीन बहनों में सबसे छोटी और सबकी लाडली थी। तनु के मुताबिक मंगलवार को हॉस्टल आने से पहले उसने सहारनपुर मॉल से शॉपिंग की थी।
एमबीए प्रथम वर्ष में 80 प्रतिशत अंक आए थे। वहीं, विवि के गेट पर धरने पर बैठे छात्रों ने आरोप लगाया कि हाजिरी कम होने पर परीक्षा में न बैठने देने, अधिक फीस लेने और डिबार किए जाने से वह तनाव में थी।
वहीं, विश्वविद्यालय के कुलसचिव डॉ. बीपी राकेश का कहना है कि अनु गुप्ता की बुधवार सुबह हॉस्टल की बिल्डिंग से गिर कर मृत्यु हो गई। पुलिस जांच में विश्वविद्यालय की ओर से पूर्ण सहयोग किया जा रहा है।
मां की मृत्यु और परीक्षा में बैक आने से छात्रा डिप्रेशन में थी। मामला खुदकुशी का लगता है। गहन जांच की जा रही है। अभी कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है। अभिजीत कुमार, पुलिस अधीक्षक देहात