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करोड़ों की जमीन पर कब्जा कर बना दिया आलीशान रेस्टोरेंट, सोता रहा विभाग, अमर उजाला ने किया था खुलासा

Sun, 29 Sep 2019 10:36 AM IST
कपिल kapil अनुज मित्तल, अमर उजाला, मेरठ
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शाहपीर गेट के पास हाजी सईद होटल - फोटो : अमर उजाला
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मेरठ में हापुड़ रोड पर गुलमर्ग सिनेमा के पास बेशकीमती जमीन पर कब्जा हो गया। तहसील विभाग न केवल सोता रहा, बल्कि अवैध कब्जेदारों को वैध मालिक बनाने के लिए अभिलेखों में भी खेल कर डाला। 10 करोड़ रुपये से ज्यादा की इस जमीन पर आलीशान रेस्टोरेंट के साथ दुकानें भी बना दी गईं। अब यह मामला सामने आया तो जिलाधिकारी ने एडीएम सिटी को जांच सौंप दी है।

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यह है मामला  
हापुड़ रोड पर खसरा नंबर 4600 में गुलमर्ग सिनेमा और अन्य संपत्ति हैं। खसरा नंबर 4599 नजूल में बंजर दर्ज है। कुछ लोगों ने रजिस्ट्री खसरा नंबर 4600 की जमीन कब्जा कर खसरा नंबर 4599 की जमीन पर भी कब्जा कर लिया। खसरा नंबर 4599 की इस जमीन का क्षेत्रफल 1271 वर्ग मीटर है। जिसकी चौड़ाई 41 मीटर और गहराई 31 मीटर है। इस जमीन पर कुल नौ लोगों का कब्जा है। लेकिन सबसे बड़ा कब्जा होटल हाजी सईद का है, जिसका करीब 354 वर्गमीटर जमीन पर कब्जा है। इस जमीन की बाजारी कीमत इस समय 10 करोड़ रुपये से ऊपर है। लेकिन राजस्व विभाग और नगर निगम ने कभी इस तरफ ध्यान नहीं दिया। 

अब फिर उठा मामला 
डीएम अनिल ढींगरा के पास खसरा नंबर 4599 का मामला सामने आया। इसकी जब प्राथमिक पड़ताल कराई गई तो तहसील से बताया गया कि जमीन आबादी में दर्ज है। लेकिन जब इस जमीन का रिकॉर्ड कलक्ट्रेट के नजूल रजिस्टर में देखा गया तो पूरा मामला सामने आ गया। वहीं, तहसील में भी एक नक्शा नजरी मिला, जिसमें इस जमीन के कब्जेदारों का पूरा नक्शा मिला। लेकिन इसमें भी हाजी सईद जिसने होटल निर्माण किया हुआ है, उसने कितनी जमीन कब्जाई है उस रिकॉर्ड को फाड़ दिया गया है।

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अमर उजाला ने होटल हाजी सईद को लेकर एक साल पहले खुलासा किया था। लेकिन प्रशासन ने जांच ठंडे बस्ते में डाल दी। इस बीच तहसील कर्मचारियों ने बड़ा खेल कर बंजर में दर्ज जमीन आबादी में दर्शा दी। लेकिन तहसील वाले भूल गए कि कलक्ट्रेट के रिकॉर्ड रूम में रखे नजूल रजिस्टर में भी यह जमीन दर्ज है, जिससे पुराना रिकॉर्ड खंगाला जा सकता है। इस मामले में अभिलेखों में बदलाव के साथ तैयार गलत रिपोर्ट को भी जांच में शामिल किया गया है। ऐसे में लेखपाल सहित अधिकारियों पर भी गाज गिर सकती है। 

मामले की जांच एडीएम सिटी अजय तिवारी को सौंपी है। जमीन को कब्जा मुक्त कराया जाएगा। जो भी दोषी होगा, उस पर सख्त कार्रवाई होगी। - अनिल ढींगरा, डीएम

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