अमर उजाला ने होटल हाजी सईद को लेकर एक साल पहले खुलासा किया था। लेकिन प्रशासन ने जांच ठंडे बस्ते में डाल दी। इस बीच तहसील कर्मचारियों ने बड़ा खेल कर बंजर में दर्ज जमीन आबादी में दर्शा दी। लेकिन तहसील वाले भूल गए कि कलक्ट्रेट के रिकॉर्ड रूम में रखे नजूल रजिस्टर में भी यह जमीन दर्ज है, जिससे पुराना रिकॉर्ड खंगाला जा सकता है। इस मामले में अभिलेखों में बदलाव के साथ तैयार गलत रिपोर्ट को भी जांच में शामिल किया गया है। ऐसे में लेखपाल सहित अधिकारियों पर भी गाज गिर सकती है।
मामले की जांच एडीएम सिटी अजय तिवारी को सौंपी है। जमीन को कब्जा मुक्त कराया जाएगा। जो भी दोषी होगा, उस पर सख्त कार्रवाई होगी।
- अनिल ढींगरा, डीएम
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