जेल प्रशासन ने मौजूद समय में उसका जवन 135 किलो बताया। पुलिस की जांच में सामने आया कि अधिक वजन होने के चलते वह डॉक्टर, जेल प्रशासन और सिपाहियों के सामने बिलखकर खुद को बीमार बताता था। एसएसपी का कहना है कि जो इनोवा साल 2017 में जांच में सामने आई थी, इसी इनोवा से वह दिल्ली में एम्स के बाहर से शनिवार को फरार हुआ है। इनोवा को सिरसा से बरामद कर जांच शुरू कर दी गई है।
ऐसी कौन सी बीमारी जो इलाज नहीं हुआ
एसएसपी ने बताया कि बंदी को ऐसी कौन सी बीमारी है, जो दो साल से एम्स का इलाज चल रहा था। बंदी मनोज को स्टेंट पड़ने थे। एम्स में स्टेंट पड़ने में 12 घंटे लगते हैं। लेकिन डॉक्टर से सेटिंग कर एम्स में इलाज कराने के बहाने मौज मस्ती करता था। एसएसपी का कहना है कि इस मामले में जेल के कई कर्मचारियों की भूमिका भी संदिग्ध है। तीनों पुलिसकर्मियों की बर्खास्तगी की रिपोर्ट जहां भेजी जा रही है। वहीं डॉक्टर व जेल कर्मचारियों की भूमिका की जांच कर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
ट्रेन से नहीं इनोवा से लेकर जाती थी पुलिस
एसएसपी का कहना है कि पुलिसकर्मी जहां बताते थे कि उसे जेल से ट्रेन से एम्स में लाया ले जाता था। लेकिन पुलिस की जांच में सामने आया कि पुलिसकर्मी ट्रेन की बात कहकर उसी की इनोवा में लाते ले जाते थे। जेल से निकलने के बाद मनोज पुलिस कस्टडी में मोबाइल से भी बात करता था। इसमें भी पुलिस की लापरवाही सामने आई है।
गिरी थी गाज
इसी बंदी की नोएडा में शराब पार्टी की वीडियो वायरल होने पर मेरठ जेल के वरिष्ठ जेल अधीक्षक संतलाल यादव पर भी गाज गिर चुकी है। जो एम्स में भी मोबाइल से बात करता था।
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