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सर छोटूराम के शिक्षक हड़ताल पर

Wed, 10 Feb 2016 01:39 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला मेरठ
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सर छोटूराम इंस्टीट्यूट के शिक्षक और कर्मचारियों ने मंगलवार को सैलरी बढ़ाने की मांग को लेकर हड़ताल कर दी। वह प्रशासनिक भवन के बाहर धरने पर बैठ गए। शिक्षक नए शासनादेश के हिसाब से सैलरी पर खर्च करने की मांग कर रहे हैं।
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उधर, कुलपति ने इस बीच इंस्टीट्यूट के क्लासरूम का निरीक्षण किया तो कई जगह शिक्षक पढ़ाते हुए नहीं मिले। इस पर उन्होंने नाराजगी जताई। कुलपति दो बार इंस्टीट्यूट पहुंचे। पहली बार निरीक्षण करने और दूसरी बार शिक्षकों और कर्मचारियों की सुनी।

विवि कैंपस में सर छोटूराम इंस्टीट्यूट में सेल्फ फाइनेंस में हैं। पुराने शासनादेश के मुताबिक संस्थान से आय का 60 प्रतिशत शिक्षक और कर्मचारियों की सैलरी पर खर्च होगा। 40 प्रतिशत विवि के पास रहेगा। नए शासनादेश के मुताबिक आय का 75 से 80 फीसदी सैलरी पर खर्च होना चाहिए।
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नए शासनादेश का हवाला देकर अपनी सैलरी बढ़ाने की मांग के साथ शिक्षक और कर्मचारियों ने सुबह हड़ताल कर दी। वह प्रशासनिक भवन पर धरने पर बैठ गए। कुलपति प्रो. एनके तनेजा को इसकी जानकारी मिली तो वह संस्थान पहुंचे। उन्होंने क्लासरूम का निरीक्षण किया।

क्लास में शिक्षक नहीं मिलने पर नाराजगी जताई। कुलपति का कहना है कि सेल्फ फाइनेंस कोर्स की फीस से होने वाली आय से ही शिक्षक और कर्मचारियों का वेतन दिया जाता है।

शासनादेश विवि के लिए सुझाव है। विवि कार्य परिषद के फैसलों से चलता है। शिक्षक और कर्मचारियों के हित में विचार किया जाएगा। डीन साइंस प्रो. मृदुल गुप्ता ने भी कर्मचारियों से बात की थी।

कमेटी कर चुकी बैठक
नए शासनादेश के पालन को लेकर एक कमेटी गठित है। उसकी बैठक हो चुकी है। कमेटी की रिपोर्ट आनी है। उसके बाद वह कार्य परिषद की बैठक में मामला आएगा, तब निर्णय होगा।

प्रदेश में लखनऊ विवि नए शासनादेश का पालन कर चुका है। इंस्टीट्यूट में 70 शिक्षक और करीब 120 कर्मचारी हैं।

शासनादेश लागू करने की मांग
छात्रसंघ अध्यक्ष संजीत पटेल ने विवि प्रशासन ने जल्द शासनादेश का पालन करने की मांग की है। अध्यक्ष का कहना है अगर शिक्षक और कर्मचारी हड़ताल पर जाते हैं।
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छात्रों की पढ़ाई प्रभावित होती है छात्र विवि के खिलाफ आंदोलन करने को मजबूर होेंगे। विवि जल्द से जल्द मामले का हल निकाले।
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