मेरठ समेत पूरे देश का सर्राफा बाजार बुधवार को बंद रहेगा। हालांकि सदर बाजार में सर्राफा व्यापारियों का एक गुट ही हड़ताल में शामिल होगा।
वहीं, हड़ताल की घोषणा के चलते मंगलवार को सर्राफा मंडी में ग्राहकों की ज्यादा चहल पहल रही।
केंद्र सरकार ने एक जनवरी से दो लाख रुपये से ज्यादा के लेनदेन पर पैन कार्ड की अनिवार्यता कर दी है। इसका विरोध सर्राफा कारोबारी कर रहे हैं। ऑल इंडिया जेम्स एंड ज्वैलरी ट्रेड फेडरेशन ने बुधवार को पूरे देश में हड़ताल का आह्वान किया है।
मेरठ समेत देश के सर्राफा कारोबारी इस हड़ताल में शामिल हैं। मेरठ में प्रतिदिन आठ से 10 करोड़ रुपये का सर्राफा कारोबार होता है, जो कि प्रभावित होगा।
यहां होता है कारोबार
मेरठ में मुख्य रूप से नील गली, शहर सर्राफा, सदर बाजार, कागजी बाजार, भगत सिंह मार्केट, आबूलेन, बेगमपुल, शारदा रोड, लिसाड़ी रोड, फूलबाग कॉलोनी, शास्त्रीनगर, कंकरखेड़ा, रोहटा रोड आदि क्षेत्रों में सर्राफा कारोबारी हैं।
विवाद का असर हड़ताल पर
मेरठ में सदर सर्राफा बाजार काफी बड़ा है। यहां दो संस्थाओं के बीच विवाद का असर इस हड़ताल पर नजर आएगा। जहां एक गुट हड़ताल में शामिल होगा।
वहीं दूसरा गुट हड़ताल के खिलाफ है। सदर सर्राफा बाजार एसोसिएशन (रजि.) के अध्यक्ष केशव वालिया ने बंद का समर्थन करने से इंकार कर दिया है। उनका कहना है कि केंद्र सरकार के भ्रष्टाचार विरोधी इस फैसले का हम स्वागत करते हैं।