यूपी पुलिस के रंगरूटों को पहली बार पासिंग आउट परेड से पहले थानों में आचरण सिखाया जाएगा। कांस्टेबलों की ट्रेनिंग में संशोधन किया गया है। अब नौ माह की ट्रेनिंग तीन चरणों में होगी। इसके बाद उनकी पासिंग आउट परेड कराई जाएगी। थानों में आचरण सिखाने के लिए थाना प्रभारियों के अलावा जिले के उच्च अधिकारी मौजूद होंगे।
पुलिस लाइन में 2015 बैच के 449 जवान आरटीसी (रंगरूट ट्रेनिंग सेंटर) की ट्रेनिंग कर रहे हैं। इनके अलावा 4 महिलाएं समेत 98 जवान जनरल ट्रेेनिंग कर रहे हैं। 25-25 जवानों की टोली बनाई गई है। जिन्हें जहां 8 प्रशिक्षक ट्रेनिंग दे रहे हैं, वहीं 8 स्थानीय प्रशिक्षक भी सिखाने के लिए लगाए गए हैं। अभी तक प्रदेश में सिपाही की नौ माह की लगातार ट्रेनिंग होती थी, जिसके बाद वह पासिंग आउट परेड में भाग लेते थे।
इस बार पुलिस मुख्यालय से ट्रेनिंग में बदलाव किया गया है। पूरे प्रदेश में जहां भी रंगरूट ट्रेनिंग कर रहे हैं वह जनवरी से मार्च तक ट्रेनिंग सेंटर या पुलिस लाइन में ट्रेनिंग करेंगे। उसके बाद तीन माह के लिए उन्हें थानों में आचरण और पुलिस का ज्ञान सिखाने के लिए भेजा जाएगा। थानों में तीन माह की ट्रेनिंग के बाद वापस उन्हें ट्रेनिंग सेंटरों पर बुलाया जाएगा। इसके बाद वह तीन माह की फिर ट्रेनिंग करेंगे।
पासिंग आउ से पहले होगी परीक्षा
पासिंग आउट परेड से पहले रंगरूटों की दो परीक्षाएं होंगी। आंतरिक परीक्षा में आईपीसी, सीआरपीसी, कानून का ज्ञान और पुलिस के तंत्र के बारे में पूछा जाएगा। वहीं बाह्य परीक्षा में परेड, हथियारों का संक्षिप्त ज्ञान, और अनुशासन को परखा जाएगा। जिसके बाद वह पासिंग आउट परेड में भाग ले सकेंगे। वहीं रंगरूट को थाने में कानून का पाठ पढ़ाने के लिए पुलिस के सेवानिवृत्त अधिकारियों से भी सहयोग लिया जाएगा।