बेटियों और पेड़ों क ो बचाने के लिए साइकिल से भारत की यात्रा कर रहे हैं कानपुर के अनुज कलैंसी आशीष। यात्रा के दौरान रविवार को मेरठ पहुंचे आशीष ने अमर उजाला से अपने अभियान के बारे में बताया।
मूलत: कानपुर गोविंद नगर निवासी अनुज कलैंसी आशीष(26) 22 जनवरी को कानपुर से यात्रा के लिए निकले। आगरा, मथुरा हरियाणा आदि होते हुए रविवार क ो 2500 किमी तक की यात्रा करने के बाद रविवार को मेरठ पहुंचे।
साकेत में अपने मामा के घर रुककर सोमवार को मुजफ्फरनगर के लिए रवाना होंगे। यहां से देहरादून जाएंगे। अनुज ने बताया कि इनका लक्ष्य पांच महीने में 17 राज्य की साइकिल यात्रा करना है।
अनुज ने दाएं कंधे में सूजन आने के कारण फिलहाल 2 माह में 10 हजार किमी यात्रा तय करना निश्चित किया है। प्रतिदिन 100 किमी का सफर साइकिल पर तय करते हैं।
किसी भी शहर में जाने पर पूरे शहर के 10 प्रमुख स्थानों पर जाकर वहां खड़े होकर लोगों को पर्चे बांटकर बेटी बचाओ का संदेश देते हैं।
दोस्त उठा रहे खर्च
पूरे अभियान में आशीष और उसकी संस्था होप ऑफ लाइफ के सदस्य, दोस्त शामिल हैं। अनुज ने बताया कि दोस्त बैंक में पैसे भेजते हैं, मोबाइल रिचार्ज कराते हैं।
आशीष साइकिल पर अपने साथ पानी, कंबल और कुछ कपड़े लेकर चलते हैं। आशीष के घर की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं है। परिवार में केवल मां है। बीए कर चुके आशीष फिलहाल बेरोजगार हैं।
यात्रा शुरू करने के दो दिन पहले 4 हजार रुपये की साइकिल उधार खरीदी।
लोग लेते है सेल्फी
अनुज ने बताया कि जहां भी जाता हूं लोग मेरी बात सुनते हैं। लोग सेल्फी भी लेते हैं। मेरी सजी-धजी साइकिल के साथ पिक्चर खींचकर एफबी पर भी अपलोड करते हैं।
मेरे लिखे स्लोगन को पढ़कर उन्हें सराहते भी हैं। वहीं कहा कि लोगों को तीज त्योहार, जन्मदिन आदि पर पेड़ लगाने का हमें संकल्प लेना चाहिए।