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महिला इंस्पेक्टर ने खोया आपा

Fri, 25 Dec 2015 01:52 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला मेरठ
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महिला आयोग की सदस्य से मीडिया के सवाल और पीड़ित लोगों की शिकायतों पर महिला थाना इंस्पेक्टर आपा खो बैठीं। सदस्य और आला अधिकारियों के सामने ही इंस्पेक्टर ने बदजुबानी की और मीडिया की थाने में एंट्री बैन होने तक की बात कह डाली।
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इतना ही नहीं, एक मासूम बच्ची की गुमशुदगी के मामले में भी सदस्या को गुमराह करने की कोशिश की। जिस पर सदस्या ने इंस्पेक्टर को फटकार लगाई और कहा कि पूरे प्रकरण की रिपोर्ट मुख्यमंत्री को दी जाएगी।

राज्य महिला आयोग की सदस्य गीता गुप्ता बृहस्पतिवार को महिला थाने पहुंचीं। गीता के साथ एसपी ट्रैफिक पीके तिवारी, सीओ ऑफिस ज्ञानवती तिवारी भी मौजूद थे। थाने में पीड़ित महिलाओं और लोगों ने उन्हें घेर लिया और विवेचनाओं में लापरवाही समेत अन्य समस्याओं को लेकर शिकायत दर्ज कराई।
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गीता जब पत्रकारों से मुखातिब हुईं, तो पत्रकारों ने गुमशुदा बच्ची लक्ष्मी का प्रकरण उठाया कि आखिर लक्ष्मी कहां हैं और उसे गायब कराने वाले दोषी अधिकारियों पर क्या कार्रवाई हुई। यह सवाल सुनते ही महिला थाना इंस्पेक्टर नरगिस खान भड़क गईं।

सदस्य और एसपी ट्रैैफिक के सामने ही कहा कि मैंने मीडिया की थाने में एंट्री बैन कर रखी है, तो कैसे चले आए। इस पर गीता गुप्ता ने नरगिस खान को फटकार लगाई और कहा कि उनकी मौजूदगी में वह इस तरह से बात नहीं कर सकतीं।

जब मीडिया की आवाज दबाने की बात कर रही हो, तो फिर पीड़ित लोगों की समस्या क्या सुनती होगी। सदस्य के सख्त रुख को देखकर नरगिस खान की खामोश हो गईं। इसके बाद मीडिया के सवाल को दोहराते हुए गीता गुप्ता ने नरगिस से पूछा कि बताओ लक्ष्मी कहां है।

इस पर नरगिस ने कहा कि लक्ष्मी मिल गई है और मेरठ में है। जब पत्रकारों ने पूछा कि लक्ष्मी की बरामदगी क्यों नहीं दिखाई गई, तो नरगिस बगले झांकने लगीं। वहीं आयोग सदस्य गीता गुप्ता ने जिला कारागार का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने बंदियों से मुलाकात की और उन्हें आश्वसान  दिया कि उनके साथ अन्याय नहीं होने   दिया जाएगा।
सीएम को देंगी रिपोर्ट
गीता गुप्ता ने कहा कि महिला थाने के संबंध में जो भी शिकायत मिली हैं, उसकी विस्तृत रिपोर्ट मुख्यमंत्री को सौंपी जाएगी। साथ ही लक्ष्मी प्रकरण में एसएसपी और जिलाधिकारी से रिपोर्ट मांगी जाएगी।
यह भी पूछा जाएगा कि बच्ची के लापता होने का जिम्मेदार कौन है और उस पर क्या कार्रवाई हुई है।
बताएं इंस्पेक्टर साहिबा, कहां है लक्ष्मी?
लक्ष्मी की बरामदगी बताकर महिला थाना इंस्पेक्टर नरगिस खान फंस गई हैं। कंकरखेड़ा थाने में लक्ष्मी की गुमशुदगी दर्ज है और थाना प्रभारी एसके राणा ने भी अभी तक बरामदगी न होने की बात कही है।

वहीं एसपी क्राइम द्वारा की गई जांच में इस प्रकरण में इंस्पेक्टर नरगिस खान को दोषी माना गया था, जिस पर अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है। कुछ महीने पहले थाना कोतवाली क्षेत्र में इस्माईल गर्ल्स इंटर कॉलेज की दो छात्राओं को लक्ष्मी नाम की एक बच्ची मिली थी।

उसने बताया था कि उसे एक शख्स उसके घर से उठाकर लाया था और अब उससे भीख मंगवाता है। छात्राओं ने बच्ची को महिला थाने में सौंप दिया था। महिला थाना इंस्पेक्टर नरगिस खान ने महिला पुलिसकर्मियों के साथ बच्ची को उसी व्यक्ति के पास भेज दिया था, जिस पर भीख मंगवाने का आरोप था।

वह व्यक्ति बच्ची को लेकर गायब हो गया। अखबारों ने जब इस प्रकरण को प्रमुखता से उठाया, तो आला अधिकारी हरकत में आए। लक्ष्मी के गुमशुदा होने की रिपोर्ट थाना कंकरखेड़ा में दर्ज कराई।

मामले में लापरवाही बरतने वाली नरगिस खान समेत अन्य पुलिसकर्मियों के खिलाफ आईजी जोन आलोक शर्मा ने एसपी क्राइम टीएस सिंह को जांच के आदेश दिए थे। अब नरगिस खान ने महिला आयोग सदस्य गीता गुप्ता को बताया कि लक्ष्मी बरामद कर ली गई है।

तो सवाल यही है कि आखिर लक्ष्मी कहां है। कंकरखेड़ा थाने में उसकी बरामदगी क्यों नहीं दर्ज कराई गई। वहीं इस प्रकरण की जांच कर रहे एसपी क्राइम टीएस सिंह ने एक महीने पहले ही अपनी रिपोर्ट आला अधिकारियों को सौंप दी थी, जिसमें उन्होंने महिला थाना इंस्पेक्टर को लापरवाही का दोषी माना था। लेकिन, आईजी जोन स्तर से कराई गई जांच का मामला भी दबा दिया गया।
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